दर्शकों का रिएक्शन देखने थिएटर गए थे राजू
राजू हिरानी ने यह भी बताया कि फिल्म के रिलीज होने के पहले दिन दर्शकों का रिएक्शन देखने के लिए वह मुंबई के गैयटी गैलेक्सी थिएटर गए थे। जब गेटकीपर ने उन्हें 'थंब्स-डाउन' का इशारा किया, तो उन्हें बहुत निराशा हुई। निर्देशक ने कहा कि जब मैं अंदर गया, तो देखा कि थिएटर में सिर्फ 50 फीसदी सीटें ही भरी थीं।
तब मुझे समझ आया कि उसका मतलब था कि थिएटर ज्यादा भरा नहीं था और शो हाउसफुल नहीं था। एक टिकट बेचने वाले के लिए बस यही बात मायने रखती थी। लेकिन अंदर मैंने देखा कि दर्शक फिल्म का भरपूर मजा ले रहे थे। शाम तक कई थिएटरों के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लग गए थे।
राजकुमार हिरानी की बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी 'मुन्ना भाई MBBS'
'मुन्ना भाई MBBS' राजकुमार हिरानी की बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी। यह सुनील दत्त की भी आखिरी फिल्म थी, जिसमें उन्होंने असल जिंदगी में अपने बेटे संजय के पिता का किरदार निभाया था। अरशद वारसी और ग्रेसी सिंह की भी अहम भूमिकाओं वाली यह फिल्म कमर्शियल और क्रिटिकल तौर पर बहुत सफल रही और इसने 'बेस्ट पॉपुलर फिल्म' का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता। इस फिल्म के बाद 2006 में इसका सीक्वल 'लगे रहो मुन्ना भाई' आया।