सपोर्टिंग एक्टर्स के साथ रिहर्सल भी नहीं करते सुपरस्टार
अभिनेता ने आगे कहा कि हाल ही में मैंने किसी भी मुख्य अभिनेता को हमारे साथ रिहर्सल करते नहीं देखा है। वो या तो लेखक के साथ रिहर्सल करते हैं या असिस्टेंट के साथ। उनकी सपोर्टिंग एक्टर्स के साथ कोई बातचीत ही नहीं होती। इसी वजह से फिल्म को नुकसान होता है क्योंकि कभी-कभी लोगों को लगता है कि सहायक कलाकार हमें पीछे छोड़ देंगे। कई स्टार्स कभी-कभी प्रतिभाशाली सहायक कलाकारों के साथ काम करने को लेकर इनसिक्योर रहते हैं। इसलिए वे उनके रास्ते में बाधाएं डालने लगते हैं। वो ऐसा करते हैं कि सपोर्टिंग एक्टर्स को उनके डायलॉग्स के आखिरी पल ही मिलें।
हमें इस व्यवस्था से बाहर निकलना होगा
अपने निजि अनुभव को याद करते हुए राजेश कुमार ने कहा कि मैंने कुछ महान अभिनेताओं के साथ काम किया है, जो आपकी तरफ देखते भी नहीं और असिस्टेंट से पूछते हैं, 'ये ऐसा क्यों बोल रहे हैं?' नहीं, हमें रिहर्सल की जरूरत नहीं है। हम सीधे टेक लेंगे। मैं बस इतना कह रहा हूं कि हमें इस व्यवस्था से बाहर निकलना होगा।
राजेश कुमार ने जोधपुर में 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' की शूटिंग के दौरान डिंपल कपाडिया के साथ काम करने को याद किया। उन्होंने कहा कि डिंपल कपाडिया ने हमें प्रेरित किया। उन्होंने सभी का हालचाल पूछा और कहा कि आप लोग मुझे अपने बारे में भी बताएं।
राजेश कुमार को इन फिल्मों और सीरीज से मिली पहचान
राजेश कुमार को पहली बार 'सरभाई वर्सेस सरभाई' से प्रसिद्धि मिली, लेकिन उस शो के बाद के दो दशकों में उन्होंने 'बा बहू और बेबी', 'नीली छतरी वाले' जैसे शो, 'कोटा फैक्ट्री', 'ये मेरी फैमिली' जैसी वेब सीरीज और 'सैयारा', 'निशांची', 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' जैसी कई फिल्मों में काम किया है।