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Aap Ki Kasam: काका बने थे फिल्म के गाने ‘जय जय शिव शंकर’ की धुन बदलने की वजह, जानें फिल्म से जुड़े अनसुने किस्से

Tue, 03 May 2022 12:29 PM IST
मेघा चौधरी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

1974 में रिलीज हुई फिल्म 'आप की कमस' की कहानी और गाने लोगों को इतने पसंद आए थे कि जे ओमप्रकाश अपनी पहली फिल्म से हिट साबित हो गए थे। फिल्म की रिलीज को आज 48 साल हो गए हैं, ऐसे में हम आपको इस फिल्म से जुड़े कुछ किस्से बताने जा रहे हैं।
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आप की कसम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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‘जय जय शिव शंकर’ और ‘जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं’… इन सदाबहार गाने को आपने कई बार सुना होगा। हिंदी सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर जे ओमप्रकाश की डेब्यू फिल्म 'आप की कसम' के ये गाने आज भी लोगों की जुबां पर चढ़े हुए हैं। 1974 में आज (3 मई) ही के दिन रिलीज हुई इस फिल्म में राजेश खन्ना, मुमताज और संजीव कुमार जैसे दिग्गज कलाकारों ने काम किया था। इस फिल्म की कहानी और गाने लोगों को इतने पसंद आए थे कि जे ओमप्रकाश अपनी पहली फिल्म से हिट साबित हो गए थे। फिल्म की रिलीज को आज 48 साल हो गए हैं, लेकिन इसकी कहानी आज भी लोगों के दिलों को छू जाती है। आज हम आपको इस फिल्म से जुड़े कुछ किस्से बताने जा रहे हैं।

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मलयालम फिल्म से प्रेरित थी कहानी
बॉलीवुड में साउथ की फिल्मों के रीमेक बनाए जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप की कमस मलयालम फिल्म ‘वाझवे मय्यम’ (1970) का रीमेक थी। इस फिल्म का निर्देशन एस सेतुमाधवन ने किया था, हालांकि 'आप की कमस' का अंत अलग रखा गया था। वहीं, इस फिल्म को बाद में निर्देशक दसारी नारायण राव ने तेलुगू में भी बनाया, जिसका नाम ‘एडदुगुला बंधम’ (1985) था। इसमें हन बाबू और जयसुधा मुख्य भूमिका में थे और इस फिल्म की कहानी मलयालम फिल्म वाली ही थी। 

जय जय शिव शंकर गाना - फोटो : सोशल मीडिया
राजेश खन्ना को सुन पंचद दा ने बदली धुन
फिल्म का संगीत आर.डी बर्मन ने दिया था। 'जय जय शिव शंकर', 'जिंदगी के सफर', 'करवटें बदलते रहे सारी रात' आदि सभी यादगार गाने हैं। आनंद बक्शी के इन गानों को किशोर और लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिल्म का सबसे पसंद किया जाने वाला गाना 'जय जय शिव शंकर' पहले ऐसा नहीं होने वाला था। पंचम दा ने गाने के लिए कोई और धुन तैयार की थी, लेकिन जब उन्होंने राजेश खन्ना को अपने ही अंदाज में गाने को गुनगुनाते हुए देखा तो उनको वह धुन काफी पसंद आई। इसके बाद उन्होंने काका के अंदाज में ही फिल्म के गाने को शूट किया था। हालांकि राजेश खन्ना को इसका क्रेडिट नहीं मिला। 'सुनो कुछ कहो' गाने को रिकॉर्ड करने के दौरान लता मंगेशकर काफी परेशान थी। पंचम दा जो चाह रहे थे, वह उसे सही ढंग से निभा नहीं पा रही थीं। तब किशोर कुमार ने लता मंगेशकर की मदद की और उन्हें कहा कि ऐसे सोच कर गाना गाओ की इस कमरे में कोई नहीं है, तुम अलग कमरे में गाना गा रही हो। इसके बाद लता मंगेशकर ने शानदार तरीके से गाने को गाया था।

क्लिपिंग शॉट के आए थे धर्मेंद्र
फिल्म की शूटिंग 16 रील में पूरे हुई थी और फिल्म का मुहूर्त शॉट 3 जनवरी 1972 को लिया गया थ। वहीं, क्लिपिंग शॉट लेने के लिए अभिनेता धर्मेंद्र को बुलाया गया था। फिल्म की शूटिंग लेह लद्दाख, जम्मू कश्मीर और मुंबई के महबूब स्टूडियो में की गई थी। इस फिल्म को यूके के नटराज इंडियन सिनेमा थिएटर में भी ओपनिंग सेरेमनी के दौरान दिखाया गया था। राजेश खन्ना और संजीव कपूर की साथ में फुल टाइम ये पहली फिल्म थी। इससे पहले संजीव कुमार राजेश खन्ना की फिल्म 'बंधन' में गेस्ट अपिरियंस में आए थे। वहीं, 'आक्रमण' में राजेश खन्ना ने भी केवल गेस्ट अपिरियंस किया था।

ये थी फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी एक शादीशुदा जोड़े के बारे में है कि कैसे एक संदेह पूरे रिश्ते को बर्बाद कर देता है। कमल (राजेश खन्ना) एक आर्थिक रूप से कमजोर घर से आता है, जिसे अपनी कॉलेज की साथी सुनीता (मुमताज) से प्यार हो जाता है, जो एक अच्छे परिवार से आती है। दोनों शादी कर लेते हैं, लेकिन बाद में कमल को संदेह होने लगता है कि उसके दोस्त मोहन (संजीव कपूर) के साथ सुनीता का रिश्ता है। इस गलतफहमी के बाद सब कुछ बर्बाद हो जाता है। फिल्म का पहला भाग रोमांटिक गानों से भरपूर है, तो दूसरा भाग गंभीर हो जाता है।
 

आप की कसम - फोटो : सोशल मीडिया
शानदार स्टार कास्ट और फिल्म का बजट
फिल्म में संजीव कुमार ने बहुत अच्छा काम किया है, हालांकि उनके पास सीमित स्क्रीन स्पेस है। मुमताज चुलबुली हैं और काका के साथ बढ़िया केमिस्ट्री साझा करती हैं, विशेष रूप से ‘जय जय शिव शंकर’ गाने में। राजेश खन्ना का अभिनय शानदार है, वह एक रोमांटिक होरी से धीरे-धीरे अपनी पत्नी पर संदेह करने वाले बन जाते हैं और अंत में पश्चाताप करने वाला व्यक्ति बन जाते हैं। फिल्म के बजट का कही भी जिक्र नहीं है, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक कहा जाता है कि फिल्म 90 लाख में बनी थी। वहीं फिल्म ने भारत में 1.6 करोड़ की कमाई की थी। 
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इस फिल्म की वजह से 'A' से फिल्मों का नाम रखते थे जे ओमप्रकाश
निर्देशक जे ओमप्रकाश (जो राकेश रोशन के ससुर और ऋतिक रोशन के नाना थे) हमेशा ऐसी फिल्में बनाते थे जिनके नाम 'A' अक्षर से शुरू होते थे और जो समाज के बारे में बात करती हैं। एक बार उन्होंने बताया था कि जब उन्होंने फिल्म बनानी शुरू की तो पहली फिल्म आप की कसम का नाम A से था और यह हिट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने जीतने भी फिल्में बनाई उनके नाम A से ही रखे। एक बार अलग अक्षर से फिल्म बनाई तो वह चली नहीं और इसके बाद उन्होंने कभी दूसरे अक्षर से फिल्म नहीं बनाई। 
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