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राजस्थान कोर्ट से इस मामले में बोनी कपूर को मिली राहत, दिया आदेश- रद्द करो एफआईआर

Sat, 21 Sep 2019 06:12 PM IST
anand anand मुंबई टीम, अमर उजाला
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boney kapoor - फोटो : file photo
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हॉकी के राष्ट्रीय खेल होने के बावजूद भारत एक क्रिकेट प्रेमी देश है। और जिस हिसाब व स्तर पर हमारे देश में इस खेल को खेला जाता है वह अविस्मरणीय है। शुरूआत से ही क्रिकेट और उससे जुड़े खरीद फरोख्त के मामले सुर्खियों में रहे हैं। फिल्मी जगत भी क्रिकेट से अपना लगाव समय समय पर जताता रहा है। कुछ ही वक्त पहले इसी खेल से जुड़े खरीद फरोख्त के मामले में फिल्मी जगत के एक बड़े दिग्गज का नाम सामने आया था, वही नाम अब इस मामले से राजस्थान हाइ कोर्ट ने हटा दिया है।

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यह नाम है श्रीदेवी के पति बोनी कपूर का। बोनी कपूर और उनके समेत तीन लोगों के खिलाफ इसी साल जुलाई के महीने में जयपुर के प्रताप नगर थाने में एक एफ आई आर दर्ज करवाई गई थी। यह एफ आई आर जगतपुरा स्थित रामनगरिया के निवासी प्रवीन श्याम सेठी ने दर्ज करवाई थी। उनका आरोप यह था कि बोनी कपूर ने सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग कराने के बहाने उनसे करोड़ों की ठगी की थी। प्रताप नगर थाना के SHO संजय शर्मा ने एफआईआर में दर्ज की गई धोखाधड़ी की कुल राशि 2.5 करोड़ बताई गई थी। दरअसल शिकायतकर्ता प्रवीण श्याम सेठी और उनके दोस्त ने सिगनेचर नाम से एक सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग में भारी मात्रा में निवेश किया था।

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boney kapoor - फोटो : file photo
शिकायत करते वक्त प्रवीण ने कहा था " मैं सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग के निर्देशक पवन जांगिड से 2018 में मिला था, उन्होंने दावा किया था कि वे जयपुर में सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग कराएंगे। यह भी बताया था की वे कई बॉलीवुड एक्टर्स के संपर्क में रहते हैं। साथ ही साथ बोनी कपूर और मुस्तफा राज भी इसमें पार्टनर्स हैं। पवन जांगिड ने वादा किया की इस लीग से मेरा निवेश दोगुना होगा। फिर उनके साथ मैं मुंबई भी गया जहां मेरी मुलाकात मुस्तफा राज हुई। वहीं मैने उन्हें निवेश करने के लिए रकम दी। उसके बाद अक्टूबर 2018 में बोनी कपूर जयपुर आए थे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिसंबर में क्रिकेट लीग को आयोजित करने की घोषणा भी की थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पवन जांगिड ने फिर कहा कि दिल्ली में यह लीग आयोजित होगी। मगर ऐसा भी नहीं हुआ। जब मैंने उन्हें मेरा पैसा वापस मांगा तो उन्होंने मना कर दिया।''

इसी शिकायत के बाद फिर इसको रद्द करने के लिए बोनी कपूर ने अपराधिक विविध याचिका दायर की थी। अपनी याचिका में बोनी कपूर ने कहा कि वो मुस्तफा को जानते थे और उनके कहने पर ही प्रेसवार्ता में शामिल हुए थे, लेकिन उन्होंने प्रवीण से किसी भी तरह की राशि नहीं ली थी। खैर अब निष्कर्ष यह निकला है की बोनी कपूर का इस मामले कोई लेना देना नहीं है। क्योंकि राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फिल्म निर्माता बोनी कपूर को राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज इस एफआईआर को रद्द करने के आदेश दिए हैं। हालांकि मुस्तफा और पवन जांगिड़ के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द नहीं किया जाएगा।


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