इसके आगे उन्होंने बताया, 'फिल्म में दिखाया गया कि कैसे हीरोइन को एमएमएस स्कैंडल की वजह से काम मिलना बंद हो जाता है और लोग उस वीडियो को गलत समझने लगते हैं। हीरोइन सिंगल मदर होती है, जो शराबी बन जाती है और ड्रग्स लेने लगती है। इसके बाद उसका करियर समाप्त हो जाता है। इस फिल्म की कहानी को लोगों ने मेरी ही कहानी समझ लिया और मेरे घरवालों से रिश्तेदार भी सवाल करने लगे थे। लोग फोन कर कहते थे कि माता-पिता ने मेरा ख्याल नहीं रखा और मैं सुबह से शाम तक नशे में धुत रहती हूं।'
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स्वस्तिका ने कहा कि लोगों की बातें सुनने के बाद एक दिन मां के भी सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने मुझसे कहा, 'तुम यू सर्टिफिकेट वाली फिल्में क्यों नहीं करती हो? बच्चों के लिए भी फिल्म कर लो। तुम्हें शराबियों के रोल करने की क्या जरूरत है?' वहीं, स्वस्तिका मुखर्जी ने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें अपने बच्चों के बारे में बात न करने की सलाह दी गई थी। उन्होंने कहा, 'मुझे करियर के शुरुआती दौर में सलाह दी गई थी कि मैं किसी के इस बारे में बात न करूं कि मेरी एक बेटी है। क्योंकि अगर मेरे दर्शकों को इस बारे में पता चला, तो वह मुझसे आकर्षित नहीं होंगे। तब मैं 21 साल की थी।'
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