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तो इसलिए कई राज्यों में बैन हुई 'सड्डा हक'

Sat, 06 Apr 2013 11:32 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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पंजाबी फिल्म 'सड्डा हक' पंजाब में बैन होने के बाद कई और राज्यों में भी बैन हो गयी है। मालूम हो कि फिल्म 'साड्डा हक' खालिस्तान मूवमेंट पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म के बारे में कहा जा रहा है कि इसमें खालिस्तान आंदोलन का समर्थन है।
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सबसे पहले इस फिल्म पर पंजाब में बैन लगा। फिर यह फिल्म हरियाणा और दिल्ली में भी बैन हो गयी। पंजाब के मुख्यमंत्री बादल ने कहा,'मेरी पहली प्राथमिकता है प्रदेश में शांति और सांप्रदायिक सद्भावना कायम रखना है।

हम शांति और सांप्रदायिक सद्भभावना की शर्त पर किसी फिल्म को रिलीज करने की अनुमति नहीं दे सकते। मैं नहीं चाहता कि इस फिल्म से प्रदेश की शांति भंग हो।

फिल्म 'साड्डा हक' पंजाब में 1980-90 में जारी खालिस्तान आंदोलन पर आधारित है। फिल्म में एक खास समुदाय पर कथित रूप से पुलिसिया दमन और उसके अमानवीय रवैये को चित्रित किया गया है।
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सिख अलगाववादी नेता अलग से सिखों के लिए देश की मांग कर रहे थे। इसे रोकने के लिए पुलिस पर घोर अत्याचार के आरोप लगे थे। पुलिस हिरासत में हत्या और टॉर्चर के संगीन आरोप लगे।

साड्डा हक' के प्रचार के लिए यू-ट्यूब पर जारी हुआ वीडियो भी गंभीर विवादों में आ गया था। इस विडियो में सिखों के 10वें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी और शहीद भगत सिंह के साथ आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले और बलवंत सिंह राजोआना को दिखाया गया है।

फिल्म के निर्माता कुलजिंदर सिद्धू ने कहा, 'गुरु गोविंद सिंह जी अपने समय में विद्रोही थे, लेकिन अगर हम आज के समय की बात करें तो राजोआना भी विद्रोही है।

हमारा कहना है कि सिख समुदाय में गुरुओं के वक्त से लेकर आज तक विद्रोही हुए हैं। जब भी उन्हें लगता है, व्यवस्था में कुछ खामी है, वे व्यवस्था के खिलाफ चले जाते हैं और इसीलिए बागी कहलाते हैं।'
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