फिल्म अभिनेत्री प्रियका चोपड़ा अपनी सेहत के प्रति सजग हैं, उनका कहना है कि उन्हें फिल्मों के किरदार के मुताबिक शारीरिक बनावट (शेप) में बदलाव करना पड़ता है, मगर वे खाने से समझौता नहीं करती, क्योंकि कम खाना खाने से कोई दुबला नहीं होता।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार को बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था यूनिसेफ के सदभावना राजदूत (गुडविल एम्बेसडर) के तौर पर संवाददाता सम्मेलन में चोपड़ा ने किशोरावस्था में बढ़ती एनिमिया की समस्या पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि अच्छी सेहत के लिए संतुलित खाना आवश्यक है, भोजन ऐसा हो जिसमें सारे तत्व मौजूद हों। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में भारत सबसे युवा देश है, यहां की 60 प्रतिशत आबादी युवा है, वे जब किसी दूसरे देश में होती हैं तो उनसे सवाल किए जाते हैं, इसलिए जरुरी है कि देश का युवा अपनी पूरी क्षमता दिखाए, तभी हम आगे बढ़ेंगे और विकास कर सकेंगे, मगर इन युवाओं की आबादी का एक बड़ा हिस्सा एनिमिया (खून की कमी) से पीड़ित है।
उसकी लंबाई नहीं रही, उसका विकास नहीं हो रहा, खाने पर ध्यान नहीं है, बच्चे चिप्स खा लेते हैं।