बजरंगी भाईजान के बाद सबको सलमान खान की अगली फिल्म का इंतजार है। इसमें सलमान डबल रोल में हैं और चर्चा हो रही है कि फिल्म की कहानी सवा सौ साल पुराने एक अंग्रेजी उपन्यास से प्रेरित है...
-सलमान खान का मुकाबला बॉक्स ऑफिस पर केवल सलमान खान ही कर सकते हैं। बीते कुछ वर्षों से यही माना जा रहा है क्योंकि आम तौर पर उनकी फिल्मों के सामने कोई अन्य फिल्म रिलीज नहीं होती। परंतु ऐसा लगता है कि स्टारडम के मामले में अब पर्दे पर भी सलमान खान ही खुद अपने आपको टक्कर दे सकते हैं।
12 नवंबर को रिलीज होने जा रही अपनी फिल्म में सलमान डबल रोल में हैं। जब से यह फिल्म बन रही है तब से अटकलें हैं कि निर्देशक सूरज बड़जात्या की इस फिल्म में सलमान कर क्या रहे हैं? रिलीज नजदीक आने के साथ फिल्म से जुड़ी बातें सामने आ रही हैं।
चर्चा है कि सलमान फिल्म में दोहरी भूमिका में हैं और इस फिल्म का केंद्रीय कथानक लगभग 120 साल पुराने एंथनी हॉपकिंस के अंग्रेजी उपन्यास द प्रिजनर ऑफ जेंदा से लिया गया है। 1894 में आए इस उपन्यास पर हॉलीवुड तीन बार (1937, 1952 और 1979) फिल्म बना चुका है।
सलमान के दो रोल हैं, विजय और प्रेम दिलवाला
जानकारों के अनुसार सलमान की फिल्म का कथानक इस उपन्यास से प्रेरित है। उपन्यास में एक ऐसे राजकुमार की कहानी है जिसे राजतिलक से पहले उसका सौतेला भाई गायब करा के एक किले में कैद करा देता है। परंतु राज्य में आया राजकुमार का एक हमशक्ल राजतिलक समारोह में पहुंच कर सबको चौंका देता है।
यह नेकदिल हमशक्ल राजकुमार के विरुद्ध षड्यंत्र रचने वालों की अक्ल ठिकाने लगाता है और जब तक राजकुमार वापस आकर गद्दी नहीं संभाल लेता तब तक अपनी सच्चाई पर से पर्दा नहीं उठने देता।
फिलहाल फिल्म का ट्रेलर और तीन गाने आ चुके हैं और कयास लग रहे हैं कि इसमें सलमान क्या कर रहे हैं? प्रिजनर ऑफ जेंदा का राज खुलने के बाद सलमान की फिल्म की कहानी बहुत हद तक सामने आ गई है। सूत्रों के अनुसार फिल्म में सलमान के दो रोल हैं, विजय और प्रेम दिलवाला।
विजय जहां राजघराने का सीधा-सरल-सच्चा वारिस हैं वहीं प्रेम दिलवाला का कोई घर-परिवार नहीं है। विजय अपने परिवार को बहुत प्यार करता है और सौतेले भाई-बहनों (नील नितिन मुकेश और स्वरा भास्कर) का खयाल रखता है। परंतु सौतेले भाई निरंजन (नील) को विजय फूटी आंख नहीं सुहाता और वह उसके खिलाफ षड्यंत्र रचता रहता है।
मुश्किल में फंसे सलमान को सलमान का ही सहारा
फिल्म में अनुपम खेर का किरदार राजसी विरासत की देखभाल करने वाले उस व्यक्ति का है जो विजय को निरंजन के कुचक्रों से बचाता रहता है। लेकिन एक मौके पर निरंजन को कामयाबी मिल जाती है। अब इससे पहले कि निरंजन अपने इरादों में पूरी तरह से कामयाब हो कहानी में प्रेम की एंट्री हो जाती है।
प्रेम के साथ राजकुमारी मैथिली (सोनम कपूर) की प्रेम कहानी चल पड़ती है। मैथिली प्रेम को ही विजय समझती है। शुरुआत में निरंजन के साथ रहने वाली बहन अंत आते-आते प्रेम के पक्ष में खड़ी हो जाती है और क्लाइमेक्स में जब सारे रहस्यों पर से पर्दा उठता है तो तलवारबाजी की जंग छिड़ती है।
अंत में कौन जीतता है यह समझा जा सकता है। कुल मिला कर इस फिल्म में मुश्किल में फंसे सलमान को सलमान का ही सहारा मिलता है।
क्या कम होंगे गाने?
फिल्म का संगीत रिलीज हुए दस दिन से ज्यादा हो चुके हैं, मगर टाइटल ट्रेक मैंने प्रेम रतन धन पायो और जलते दीये को ही कुछ लोकप्रियता मिली है। उधर फिल्म की लंबाई भी तीन घंटे से अधिक बताई जा रही है। ऐसे में यह भी चर्चा है कि निर्माता फिल्म से गानों की संख्या कम करने पर विचार कर रहे हैं। यहां दस गाने रिकॉर्ड हुए थे और करीब साल भर की मेहनत के बाद आठ गाने सितारों पर फिल्माए गए।
इनमें से दो गाने फ्लैशबैक में रखे गए हैं जबकि पांच गानों में सोनम मौजूद हैं। फिल्म की रिलीज को तीन हफ्ते से भी कम बचे है। अतः संगीत रफ्तार नहीं पकड़ सका तो चार गाने हटाए जा सकते हैं। निर्माताओं को अब लग रहा है कि फिल्म गानों की वजह से लंबी हो रही है और इसके लंबी होने पर सिनेमाघरों में कम शो मिलेंगे। जिसका साधी असर बॉक्स ऑफिस केलक्शन पर पड़ेगा। निर्माता और वितरक जोखिम लेना नहीं चाहते।