बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति ज़िंटा ने उद्योगपति नेस वाडिया के ख़िलाफ़ छेड़छाड़ का मुक़दमा दर्ज कराया है। यह केस धारा 354 के तहत दर्ज किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप भटनागर के अनुसार महिला की शील भंग करने के प्रयास में आईपीसी की धारा 354 लगाई जाती है। अनूप भटनागर का कहना है कि 'शील भंग' की परिभाषा बहुत व्यापक है।
संबंधों की होगी पड़ताल
उनके अनुसार, ''हाथ पकड़ने और मामूली छेड़छाड़ से लेकर गाली गलौज तक को इसमें शामिल किया जा सकता है। मामले की गंभीरता इस बात पर भी निर्भर करती है कि पीड़ित और अभियुक्त के बीच किस तरह का संबंध है।
ऐसे मामलों में ज़मानत पूरी तरह जज पर निर्भर करती है। प्रीति ज़िंटा और नेस वाडिया के मामले में प्रबल संभावना यह है कि वाडिया अंतरिम ज़मानत के लिए आवेदन कर दें।
दिल्ली गैंगरेप केस के बाद महिलाओं से संबंधित क़ानूनों को काफ़ी कड़ा किया गया है। अब इसमें पाँच साल तक की सज़ा का प्रावधान है। इस धारा को भी चार हिस्सों में बाँटा गया है।''
प्रीति ने दिया है जवाब
प्रीति ज़िंटा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नेस वाडिया ने कहा है, "मैं शिकायत पर हैरान हूँ और मुझ पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और ग़लत हैं।"
मामला मुंबई के मरीन लाइन पुलिस स्टेशन में गुरूवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात को दर्ज कराया गया था।
इस बीच मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन की एक पार्टी एनसीपी की मुंबई शाखा की महिला विंग की अध्यक्ष चित्रा वागा ने मरीन लाइन पुलिस स्टेशन पहुंच कर पुलिस को इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।
प्रीति को मारने की धमकी
चित्रा ने बीबीसी संवाददाता मधु पाल को बताया कि नेस वाडिया ने प्रीति ज़िंटा को जान से मारने की धमकी दी है जो कि एक गंभीर मामला है। चित्रा के अनुसार 24 घंटे से भी ज़्यादा हो गया है लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
लेकिन उन्होंने इस पर राजनीति करने के आरोप को ख़ारिज कर दिया है। चित्रा ने कहा कि मीडिया तो केवल इसलिए इसमें दिलचस्पी दिखा रही है क्योंकि प्रीति ज़िंटा एक सेलेब्रीटी हैं लेकिन वो केवल एक महिला होने के नाते उनका साथ देने आई हैं और प्रीति की जगह कोई और महिला होती तो भी वो उनके समर्थन में आतीं।
मरीन लाइन पुलिस स्टेशन में मौजूद सब इंस्पेक्टर रोकड़े ने मधु पाल को बताया कि प्रीति गुरूवार रात क़रीब 12 बजे के आस-पास अपने ड्राइवर के साथ पुलिस स्टेशन आईं थीं।
मैच के दौरान हुई थी घटना
प्रीति ज़िंटा की शिकायत के मुताबिक़ यह घटना 30 मई 2014 की है जब मुंबई के वांखेड़े स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स-11 पंजाब के बीच एक मैच हो रहा था।
एक और पुलिस अधिकारी विजय माने ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रीति ने शुक्रवार देर रात जो शिकायत दर्ज कराई है उसके अनुसार 30 मई को खेले जा रहे मैच के दौरान नेस वाडिया प्रीति के पास आए, उनने गाली गलौज की और उनका हाथ पकड़ कर मरोड़ दिया।
इंस्पेक्टर माने के अनुसार प्रीति ने अपनी शिकायत में कहा है कि नेस वाडिया ने ये सारी हरकत सबके सामने की थी। नेस वाडिया प्रीति ज़िंटा के साथ आईपीएल की टीम किंग्स-11 पंजाब के सह मालिक हैं। दोनों को एक समय काफ़ी क़रीबी मित्र के रूप में देखा जाता था।