बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा के साथ छेड़छाड़ मामले में पुलिस को वानखेड़े स्टेडियम के गारवरे पवेलियन में लगे 5 सीसीटीवी कैमरों से भी कोई सुबूत हाथ नहीं लगा है। इन कैमरों के फुटेज में 30 मई को प्रीति और मामले में आरोपी उद्योगपति नेस वाडिया के बीच किसी तरह की बहस या फिर धक्का मुक्की जैसा कोई दृश्य रिकॉर्ड नहीं हुआ है।
जिंटा ने 12 जून को मैरीन ड्राइव पुलिस से की गई शिकायत में कहा था कि 30 मई के आईपीएल मैच के दौरान वाडिया ने स्टेडियम में उनके साथ छेड़छाड़ और गाली गलौज की थी। हालांकि वाडिया इन आरोपों को गलत और आधारहीन बताते रहे हैं।
तो क्या नहीं हुई थी लड़ाई?
जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वानखेड़े मैदान के अंदर 172 घूमते सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और पांच सीसीटीवी कैमरे गारवरे पवेलियन में लगे हैं। हालांकि इन पांचों सीसीटीवी की फुटेज में ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला जिससे जांच में मदद मिल सके।
अधिकारी ने कहा कि पांच सीसीटीवी फुटेज से हमें कुछ सुबूत मिलने की उम्मीद थी लेकिन इनमें न तो बहस और न ही दोनों के बीच किसी तरह के धक्का मुक्की का दृश्य दिखा। जांच अधिकारी इंडियन प्रीमियर लीग 2014 के आधिकारिक प्रसारणकर्ता सोनी कंपनी के वीडियो कैमरे की फुटेज को खंगालेंगे। अधिकारी का कहना है कि सोनी को अभी असंपादित फुटेज उपलब्ध कराने हैं। हालांकि अधिकारी ने कहा कि यदि तकनीकी सुबूत नहीं मिले तो गवाहों के बयान मामले में अहम साबित होंगे।
तो कमजोर हो जाएगा केस?
पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रीति ने छेड़छाड़ मामले में अपनी तरफ से गवाह के तौर पर 14 लोगों के नाम उपलब्ध कराएं हैं। इन सभी लोगों को अपने बयान रिकॉर्ड कराने को कहा जाएगा। मुंबई पुलिस ने मंगलवार शाम को प्रीति से करीब डेढ़ घंटे तक वानखेड़े स्टेडियम में बीसीसीआई कार्यालय में पूछताछ की। मैरीन ड्राइव पुलिस ने छेड़छाड़ मामले में अभिनेत्री का बयान रिकॉर्ड किया जबकि क्राइम ब्रांच ने अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी द्वारा वाडिया के सचिवों को धमकाने के लिए फोन करने के संदर्भ में बयान लिए।