प्रकाश पादुकोण ने अपनी बेटी दीपिका पादुकोण और अनीषा पादुकोण को एक खत लिखा था जिसे गुजरात एजुकेशन बोर्ड के 12वीं कक्षा के कॉमर्स स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। दरअसल, स्लेबस के एक चैप्टर में फैमिली बॉन्डिंग और ह्यूमन वैल्यूज का महत्व समझाया है।
इसके लिए प्रकास पादुकोण के लिखे खत का सहारा लिया गया है और उसे किताब में छापा गया है। इसकी जानकारी मिलते ही दीपिका पादुकोण मे सोशल मीडिया पर एक ट्वीट के जरिए अपनी खुशी भी जाहिर की है।
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ये खत कुछ यूं है-
प्यारी दीपिका और अनीषा,
तुम इस समय अपने जीवन की यात्रा की शुरुआत करने जा रही हो, ऐसे में मैं तुमसे वो अनमोल बातें साझा करना चाहता हूं जो मैंने जीवन में अनुभवो से सीखीं हैं। सालों पहले बेंगलुरू में एक छोटे बच्चे ने बैडमिंटन खेलना शुरू किया था, तब ना तो कोई स्टेडियम थे और ना ही कोई बैडमिंटन कोर्ट जहां ट्रेनिंग ली जा सके।
हमारे घर के पास एक बड़ा सा मैदान था जहां शादियां होती थीं। यहीं था हमारा बैडमिंटन कोर्ट और इसी मैदान में मैंने इस खेल की सारी बातें जानी। हर रोज हम यही देखते कि कहीं आज इस मैदान में कोई फंक्शन तो नहीं है अगर कोई फंक्शन नहीं होता तो हम स्कूल से आने के बाद तुरंत मैदान में खेलने भाग जाते।
अब जब में पीछे देखता हूं तो मुझे ये अहसास होता है कि बचपन से ही मेरे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण चीज रही कि मैं शिकायत बहुत कम करता था यही मैं तुम बच्चों को सिखाना चाहता हूं कि जुनून, कड़ी मेहनत, जिद्द और जज्बे की जगह कोई चीज नहीं ले सकती।
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