रजनीकांत ने की थी पीएम मोदी की तारीफ
इससे पहले जब जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को हटाया गया था तो केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए रजनीकांत ने समर्थन किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की प्रशंसा करते हुए उन्हें महाभारत के कृष्ण और अर्जुन की संज्ञा दी थी।
केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा '' मुझे इस बात की अत्यंत खुशी है कि 2019 का दादासाहेब फ़ाल्के अवार्ड रजनीकांत को मिला है। 5 सदस्यों की ज्यूरी आशा भोंसले, सुभाष घई, मोहनलाल, शंकर महादेवन, बिस्वजीत चटर्जी ने एकमत से इसकी सिफारिश की है। ''
प्रकाश जावड़ेकर ने लिखा, '50 साल से रजनीकांत फिल्मी दुनिया के बेताज बादशाह रहे हैं। सूरज की तरह उनका काम है, प्रतिभा, लगन और मेहनत से उन्होंने लोगों के दिलों में अपना स्थान कायम किया है। ये पुरस्कार वितरण 3 मई को होगा। इसी दिन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी दिए जाते हैं।' गौरतलब है कि साल 2018 का दादा साहेब फाल्के सम्मान अमिताभ बच्चन को मिला था। उस वक्त रजनीकांत ने बिग बी को बधाई दी थी। रजनीकांत ने ट्वीट किया था, आप इस सम्मान के योग्य हैं।
दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर साल 1950 को बंगलूरू में हुआ था। उनके प्रति लोगों की दीवानगी इस हद तक है कि वे उन्हें 'भगवान' मानते हैं। रजनीकांत की फिल्में सुबह साढ़े तीन बजे तक रिलीज हो जाती हैं। कुली से सुपरस्टार बनने वाले रजनीकांत कभी यहां तक नहीं पहुंच पाते अगर उनके दोस्त राज बहादुर ने उनके अभिनेता बनने के सपने को जिंदा न रखा होता।