बतौर अभिनेता ‘दिल से’ से की शुरुआत
1990 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से ग्रेजुएशन करने के बाद पीयूष मिश्रा ने दिल्ली में थिएटर किया। कई नाटकों में अभिनय करने के बाद, वो थिएटर के मशहूर निर्देशक, राइटर और एक्टर बन गए। इसके बाद वो मुंबई आए और उन्होंने ‘राजधानी’ और ‘भारत एक खोज’ जैसे टीवी सीरियल में काम किया। फिल्मों में पीयूष मिश्रा की एंट्री 1998 में आई मणिरत्नम द्वारा निर्देशित शाहरुख खान स्टारर ‘दिल से’ से हुई। फिल्म में उनका छोटा सा ही किरदार था। बतौर अभिनेता पीयूष मिश्रा को पहचान मिली साल 2003 में आई फिल्म ‘मकबूल’ से। इरफान खान, नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी और पंकज कपूर जैसे दिग्गज कलाकारों के सामने भी पीयूष मिश्रा ने अपने अभिनय की अलग पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने कई हिट और यादगार फिल्मों में काम किया। इनमें ‘गुलाल’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘तमाशा’, ‘हैप्पी भाग जाएगी’, ‘पिंक’, ‘तेरे बिन लादेन’, ‘रॉकस्टार’, ‘द शौकींस’ और ‘द गर्ल इन येलो बूट्स’ जैसी फिल्में शामिल हैं। आज पीयूष मिश्रा बॉलीवुड का एक बड़ा नाम हैं।
‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ और ‘गजनी’ जैसी फिल्मों के लिखे डायलॉग
पीयूष मिश्रा अभिनेता के अलावा लेखक भी हैं। उन्होंने कई फिल्मों के डायलॉग और स्क्रीनप्ले भी लिखे हैं। इनमें ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ जैसी फिल्म भी शामिल हैं। पीयूष ने इसके संवाद लिखे हैं और उन्हें इसके लिए अवॉर्ड भी मिला था। इसके अलावा उन्होंने आमिर खान की ‘गजनी’, ऋतिक रोशन की ‘अग्निपथ’ और रणबीर कपूर की ‘शमशेरा’ के भी डायलॉग लिखे हैं। जबकि ‘यहां’, ‘1971’ और ‘लाहौर’ जैसी फिल्मों का स्क्रीनप्ले भी लिखा है।
‘गुलाल’, ‘टशन’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्मों में लिखे गीत
यही नहीं पीयूष मिश्रा के लिखे और उनके संगीत में बने गाने भी काफी मशहूर हुए हैं। उन्होंने ‘टशन’, ‘आजा नचले’, ‘ब्लैक फ्राइडे’, ‘गुलाल’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 1-2’ ‘शमशेरा’, ‘दिल पे मत ले यार’ ‘लाहौर’ और ‘चल चलें’ जैसी फिल्मों में गीत लिखे हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘गुलाल’, ‘लाहौर’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के कुछ गानों में संगीत भी दिया है। ‘गुलाल’ में तो उन्होंने ही गाने लिखे हैं, संगीत दिया है और गाए भी हैं। जिसमें ‘आरंभ है प्रचंड’ जैसा कल्ट गाना भी शामिल है।
गाए एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने
एक अभिनेता के अलावा पीयूष मिश्रा को सबसे ज्यादा पहचान बतौर गायक ही मिली है। उनकी एक अलग तरह की आवाज है, जो उन्हें बाकी कलाकारों से अलग खड़ा करती है। यही कारण है कि उनके गानों का अलग ही प्रभाव होता है। उनके प्रमुख गानों में ‘आरंभ है प्रचंड’, ‘एक बगल में चांद होगा’, ‘दुनिया’, ‘जब शहर हमारा’ और ‘हुस्ना’ जैसे सुपरहिट गाने शामिल हैं।
पीयूष मिश्रा से जुड़े किस्से
- पीयूष मिश्रा किसी वक्त में शराब के काफी आदी थे। उनका मानना है कि अपने शुरुआती जीवन के कई साल उन्होंने शराब में ही बिता दिए। इसके लिए उन्हें आज भी पछतावा है।
- अपनी शराब की लत की वजह से वो अपनी बीवी और बच्चों से भी दूर हो गए थे। इसके लिए वो आज भी खुद को दोषी मानते हैं।
- पीयूष मिश्रा खुद को शुरुआती दौर में एक गंदा और नीच आदमी मानते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वो शराब के नशे में अपनी पत्नी के पीठ पीछे घर में लड़कियों को भी लाते थे।
- हालांकि, पीयूष मिश्रा की पत्नी से लव स्टोरी भी काफी रोचक है। उन्होंने बताया था कि शादी के लिए उन्होंने पत्नी प्रिया को चेन्नई के उनके घर से उठा लिया था।
- पीयूष मिश्रा का कहना है कि उन्हें 10वीं कक्षा में अपनी एक महिला टीचर से प्यार हो गया था। वो केरल की थीं और उनसे 10 साल बड़ी थीं।
- पीयूष मिश्रा का कहना है कि उन्हें अपने जीवन का पहला किस भी अपनी टीचर से ही मिला। पीयूष उस वक्त इमोशनल हो गए थे।
- थिएटर के दिनों में पीयूष मिश्रा कट्टर लेफ्टिस्ट (वामपंथी) थे। लगभग 20 साल तक वो इस विचारधारा के कट्टर समर्थक रहे। इसके चक्कर में वो अपने परिवार से भी दूर हो गए।
- हालांकि, बाद में पीयूष का इस विचारधारा से मोहभंग हो गया। अब वो इस विचारधारा का विरोध करते हैं।
- पीयूष मिश्रा का ऐसा मानना है कि ये उनका दूसरा जीवन है। इसमें उन्होंने अपने शुरुआती दौर में किए गए कामों के लिए लोगों से माफी भी मांगी है।