लॉक डाउन के दौरान लोगों का ध्यान न्यूज चैनलों से हटाने और लगातार बढ़ रहे मानसिक अवसाद को रोकने के लिए ही दूरदर्शन ने रामायण और महाभारत धारावाहिकों का प्रसारण शुरू किया है। इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। दूरदर्शन और दूरदर्शन भारती की दर्शक संख्या में इन दोनों धारावाहिकों का प्रसारण शुरू होने के बाद 50 से 65 फीसदी उछाल आया है।
दिलचस्प तथ्य ये है कि इन दोनों धारावाहिकों में से महाभारत का प्रसारण दूरदर्शन पर करने की कोशिश सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी कोरोना संकट के पहले से कर रहे थे। कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण इसका प्रसारण आनन फानन में शुरू हो गया। कालजयी धारावाहिक महाभारत को किसी चैनल पर प्रसारित करने अधिकार इसे बनाने वाली कंपनी बीआर फिल्म्स ने 1988 में इसके पहले प्रसारण के वक्त दूरदर्शन को दिए थे।
लेकिन, ये अधिकार सिर्फ एक बार के प्रसारण के लिए ही दिए गए बताए जा रहे हैं। दोनों कंपनियों के बीच हुए करार की जानकारी तो सार्वजनिक नहीं हो सकी है लेकिन बताया जा रहा है कि महाभारत को फिर से दिखाने के लिए दूरदर्शन के कुछ अधिकारी इसके डिजिटल अधिकार रखने वाली कंपनी पेन इंडिया के संपर्क में पिछले कई महीनों से थे।
कंपनी के प्रबंध निदेशक जयंती लाल गडा के करीबी सूत्र बताते हैं कि जिन हालात में देश इस समय है उस समय लोगों को घर में शांतचित्त बनाए रखना भी किसी सेवा से कम नहीं है। ये पूछे जाने पर कि महाभारत जैसे किसी धारावाहिक के एपीसोड की टेलीकास्ट फीस आज के हिसाब से कम से कम 25 लाख रुपये तो होगी ही, तो पेन इंडिया ने इस बारे में क्या कोई करार दूरदर्शन से किया है, कंपनी के सूत्र बताते हैं कि ऐसी सौदेबाजी कंपनी की प्रतिनिधियों की दूरदर्शन के अधिकारियों से काफी दिनों से चल रही थी। लेकिन, जब कोरोना संकट आया और देश के सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर उनसे इसमें मदद करने को कहा तो पेन इंडिया के प्रबंध निदेशक जयंती लाल गडा ने तुरंत इसकी इजाजत दे दी।