पल्लवी शारदा
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किसी हॉलीवुड फिल्म के सेट पर जब वैनिटी वैन के बाहर अपना नाम लिखा देखती हैं, तो कितना गर्व होता है अपने आप पर?
दो साल पहले की बात है, मैं एक सीरीज शूट कर रही थी। सिडनी के रेड लाइट एरिया की साल1985 की कहानी है ये और मैं इसमें एक अंडरग्राउंड क्लब की मालिक के किरदार में थी। एक दृश्य की शूटिंग के दौरान मैं सीढ़ियों से उतर रही थी और मैंने आसपास देखा तो मुझे महसूस हुआ कि यहां सिर्फ मैं एक अकेली भारतवंशी हूं। इकलौती भूरी चमड़ी वाली इंसान। उस पल मुझे महसूस हुआ कि कितना मुश्किल है यहां तक पहुंचना। जहां भी मैं जाती हूं, इस पहचान से मेरा काम बहुत जुड़ा होता है। दोनों को अलग नहीं कर सकते। मैं हमेशा ये याद रखती हूं कि मेरी विरासत क्या है, उस वक्त मैं परदे पर हूं या नहीं, इससे अंतर नहीं पड़ता।