बता दें कि कान फिल्म फेस्टिवल में ‘जॉयलैंड’ आधिकारिक चयनित वाली अब तक की दूसरी पाकिस्तानी फिल्म है। इससे पहले साल 2016 में आजय कारदार के निर्देशन में बनी ‘जागो हुआ सवेरा’ (‘द डे शॉल डॉन’) को कान फिल्म फेस्टिवल में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया था। संयोग से, "जॉयलैंड" ने फिल्म निर्माता कैथरीन कोर्सिनी की अध्यक्षता में 'अन सर्टेन रिगार्ड' अवॉर्ड भी जीता।
बता दें कि पाकिस्तान पहला ऐसा राष्ट्र है, जिसे ट्रांसजेन्डर लोगों के साथ भेदभाव के खिलाफ कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है। साल 2009 में पाकिस्तान ने कानूनी रूप से ट्रांसजेंडर को मान्यता दी गई थी। इस दौरान निर्देशक सैम सादिक ने कहा, 'पाकिस्तान में आपको एक तरफ एक विशेष समुदाय के खिलाफ न्याय से पहले और हिंसा मिलती है, लेकिन आपको एक बहुत ही प्रगतिशील कानून भी मिलता है'।
सादिक ने ‘जॉयलैंड’ के निर्देशन के बारे में कहा, 'मैंने पिछले सात वर्षों से इस कहानी को फिल्माने के लिए कड़ी मशक्कत की है। इस फिल्म में अलीना खान ने एक ट्रांसवुमन का किरदार निभाया है।