सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और फिल्ममेकर पहलाज निहलानी बीते 28 दिन तक मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती रहे। फिलहाल, उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई हैं और अब इस बारे में बताते हुए उन्होंने कहा है कि वह अस्पताल में ये खबर वो बाहर नहीं आने देना चाहते थे। अब पहलाज निहलानी ने एक वेबसाइट से बातचीत के दौरान अपने साथ हुए इस हादसे के बारे में खुलकर बताया है। पहलाज निहलानी ने बताया, 'लगभग एक महीने पहले मैं घर पर अकेला था। तभी अचानक से एक फिल्म की यूनिट के कुछ सदस्य मेरे यहां आए। देर होने के चलते मुझे सबके लिए बाहर से खाना ऑर्डर करना पड़ा था।'
निहलानी कहते हैं, 'मैं कभी बाहर का खाना नहीं खाता, इसलिए मेरा खाना घर पर बना था। लेकिन उस समय जो खाना रखा था वह सभी के लिए पर्याप्त नहीं था। ऐसे में हमने बाहर से खाना ऑर्डर मंगवाया। हमने चिकन आर्डर किया। लेकिन जैसे ही मैंने चिकन को काटा, मुझे अंदाजा लग गया कि कुछ गड़बड़ है। लेकिन बाकी लोगों ने मुझे आश्वासन दिया कि यह ठीक है। तो हमने खा लिया। थोड़ी देर बाद सभी चले गए थे। तभी मुझे बेचैनी हुई और उल्टी हुई। उसके बाद मुझे थोड़ा लगा तो मैंने सोने की कोशिश की। लगभग 3 बजे मैंने खून की उल्टी करनी शुरू कर दी। तभी मैं घबरा गया और अपने बेटे को फोन किया। सौभाग्य से वह उसी बिल्डिंग में रहता है जिसमें मैं रहता हूं। मुझे अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई। यह क्रोनिक फूड पॉइजनिंग का मामला था। लेकिन इमरजेंसी थी। शुरुआत में मुझे 5-6 दिनों तक आईसीयू में भर्ती रखा गया।