फिल्ममेकर्स और सेंसर बोर्ड अध्यक्ष पहलाज निहलानी के बीच झगड़ा कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। निहलानी कुछ समय पहले अलंकृता श्रीवास्तव की 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' को लेकर चर्चा में आए थे।
वो भारत में इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगा रहे थे क्योंकि ये एक महिला प्रधान फिल्म है। हाल ही में हुए इंटरव्यू में अलंकृता ने बताया था कि जब वो फिल्म के सर्टीफिकेशन के लिए सेंसर बोर्ड के पास गई थी तो वो उनके साथ बहुत बुरी तरह से पेश आए थे।
वहीं अब निहलानी ने इस बात को गलत बताया और अलंकृता को झूठी बताया है। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'अलंकृता ये सब बस इसलिए कर रही हैं क्योंकि उन्हें पब्लिसिटी चाहिए और कुछ नहीं।'
उन्होंने कहा, 'ये सारी उनकी रणनीति है जिससे की लोगों का ध्यान उनकी फिल्म की तरफ जाए। नहीं तो आप ही बताइए, फिल्म देखने के लिए क्या उत्सुकता हो सकती है?'
जब उनसे पूछा गया कि ये फिल्म महिला प्रधान है तो इसे रिजेक्ट करने के पीछे आपका क्या कारण था। इस पर निहलानी ने कहा, 'ये जांच समीति ने किया है। मैंने ना तो फिल्म देखी है और ना हीं इस पर अपना ओपिनियन दिया है।'