फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोविंदा को बनाया सुपरस्टार, सेंसर बोर्ड के ‘संस्कारी चीफ’ बन बटोरीं चर्चाएं; ऐसा रहा पहलाज निहलानी का सफर

Thu, 04 Jun 2026 01:59 PM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Pahlaj Nihalani: इंडस्ट्री के जाने-माने फिल्म निर्माता और सेंसर बोर्ड के सबसे चर्चित पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी अब हमारे बीच नहीं रहे हैं। जानते हैं कैसा रहा उनका सफर…
विज्ञापन
1 of 6
पहलाज निहलानी - फोटो : अमर उजाला

निर्माता-निर्देशक और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पूर्व चेयरमैन पहलाज निहलानी ने 76 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। पहलाज निहलानी के निधन से पूरी इंडस्ट्री शोक में है। पहलाज निहलानी की गिनती इंडस्ट्री के चर्चित और सफल फिल्ममेकर्स में होती थी। उन्होंने गोविंदा जैसे स्टार को लॉन्च किया, जबकि चंकी पांडे को भी इंडस्ट्री में लाने वाले पहलाज निहलानी ही थे। जानते हैं पहलाज निहलानी के जन्म, करियर और उनके बारे में।

विज्ञापन

2 of 6
पहलाज निहलानी की पहली फिल्म हथकड़ी - फोटो : सोशल मीडिया

फिल्म ‘हथकड़ी’ से की बतौर प्रोड्यूसर शुरुआत
10 जनवरी 1950 को जन्में पहलाज निहलानी को बचपन से ही सिनेमा के प्रति गहरी रुचि और लगाव था। यही कारण है कि वो मुंबई की चकाचौंध की ओर खिंचे चले आए। उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियों को जमीन से जुड़कर सीखा।

1970 के दशक के अंत 1980 के दशक की शुरुआत में जब हिंदी सिनेमा रोमांटिक फिल्मों से हटकर एक्शन और ड्रामा की तरफ बढ़ रहा था, तब उन्होंने बतौर स्वतंत्र निर्माता कदम रखा। वह ऐसा सिनेमा बनाना चाहते थे जो भारत के आम आदमी, रिक्शेवाले और फ्रंट-रो दर्शकों को पसंद आए।



पहलाज निहलानी ने साल 1982 में फिल्म ‘हथकड़ी’ से बतौर प्रोड्यूसर अपनी शुरुआत की। फिर 1985 में दूसरी फिल्म ‘आंधी-तूफान’ का निर्माण किया। ये दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं।

विज्ञापन

3 of 6
गोविंदा, पहलाज निहलानी और दिव्या भारती - फोटो : सोशल मीडिया

गोविंदा को किया लॉन्च
गोविंदा को इंडस्ट्री में लॉन्च करने वाले और उन्हें सुपरस्टार बनाने वाले पहलाज निहलानी ही थे। पहलाज निहलानी ने साल 1986 में फिल्म ‘इल्जाम’ से गोविंदा को इंडस्ट्री में लॉन्च किया। हालांकि, पहलाज को गोविंदा की शक्ल पसंद नहीं आई थी, लेकिन उनके डांस मूव्स और एक्शन ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने गोविंदा को लीड एक्टर के तौर पर लॉन्च कर दिया।

एक पुराने इंटरव्यू में पहलाज निहलानी ने बताया था कि वो ‘आंधी तूफान’ के बाद मैं मिथुन चक्रवर्ती और शत्रुघ्न के साथ एक फिल्म बनाना चाहता था। लेकिन उन दोनों की डेट्स नहीं मिल सकीं। तभी मेरे पास गोविंदा आए। लेकिन उनके फोटोग्राफ्स मुझे पसंद नहीं आए। अगले दिन गोविंदा वीडियो कैसेट लेकर पहुंचे, जिनमें उनके डांस मूव्स थे।

हालांकि, पहलाज को गोविंदा का चेहरा पसंद नहीं आया, लेकिन डांस और एक्शन से प्रभावित होकर उन्होंने गोविंदा को हां कह दिया। इस तरह से फिल्म ‘इल्जाम’ से गोविंदा ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। यह फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और गोविंदा रातों-रात डांसिंग और एक्टिंग आइकन बन गए। इसके बाद उन्होंने गोविंदा के साथ 'शोला और शबनम' (1992) और 'आंखें' (1993) जैसी सफल फिल्में दीं।

4 of 6
दिव्या भारती, पहलाज निहलानी और चंकी पांडे - फोटो : सोशल मीडिया

चंकी पांडे को दिया पहला मौका, दिव्या भारती को बनाया सुपरस्टार
पहलाज निहलानी ने सिर्फ गोविंदा को ही स्टार नहीं बनाया, बल्कि चंकी पांडे को भी उन्होंने ही लॉन्च किया। यही नहीं 90 के दशक में बेहद कम समय में इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने वाली दिव्या भारती को भी पहलाज निहलानी ने ही सुपरस्टार बनाया।

उन्होंने 1987 में फिल्म 'आग ही आग' से चंकी पांडे को फिल्म इंडस्ट्री में पहला बड़ा मौका दिया। इसने चंकी के करियर को चमका दिया। इसके बाद 1993 में उन्होंने गोविंदा और चंकी पांडे को लेकर ‘आंखें’ जैसी सुपरहिट फिल्म बनाई, जो उस साल की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बनी।

विज्ञापन

5 of 6
पहलाज निहलानी - फोटो : सोशल मीडिया

कई बड़े स्टार्स के साथ किया काम
पहलाज निहलानी ने अपने करियर में कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया और फिल्में बनाईं। इनमें धर्मेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा, मिथुन चक्रवर्ती और दिव्या भारती जैसे स्टार्स के नाम शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर में दर्जनों मसाला और फैमिली एंटरटेनर फिल्मों का निर्माण किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
पहलाज निहलानी - फोटो : सोशल मीडिया
सेंसर बोर्ड के ‘संस्कारी चेयरमैन’
पहलाज निहलानी 2015 से 2017 तक सीबीएफसी के अध्यक्ष रहे। इस दौरान वो अपने कई फैसलों को लेकर चर्चाओं में रहें। उन्होंने फिल्मों में गालियों, धूम्रपान के सीन, अश्लीलता और राजनीतिक रूप से संवेदनशील डायलॉग्स पर पूरी तरह से कैंची चलाना शुरू कर दिया। उनके इस सख्त और पारंपरिक रवैये के कारण उन्हें 'संस्कारी' चेयरमैन का नाम दिया।

उन्होंने शाहिद कपूर की 'उड़ता पंजाब' में कथित तौर पर 69 कट लगाने के लिए कहा था, जो काफी चर्चा में रहा था। फिल्म निर्माताओं के लगातार बढ़ते विरोध और इंडस्ट्री के भीतर बढ़ते असंतोष के बाद अगस्त 2017 में सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें