बॉलीवुड फिल्म लापता लेडीज को भारत की आधिकारिक 2025 ऑस्कर के लिए चुने जाने पर फिल्म निर्माता पायल कपाड़िया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ऑस्कर की दौड़ में वित्तीय सहायता की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। एक साक्षात्कार में जब पायल से उनकी फिल्म को नहीं चुने जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह सफर का एक हिस्सा है। उन्होंने बताया कि फिल्म बनाने की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण थी। बिना किसी प्राइवेट फंडिंग के फिल्म निर्माना केवल फंडरेजिंग पर निर्भर थीं। इस फिल्म को खत्म करने में उन्हें पांच साल लग गए। उनके लिए असली जीत तब हुई, जब फिल्म को कान जैसे महत्वपूर्ण इवेंट में प्रदर्शित किया गया।
भारत में फिल्म को रिलीज करना पायल के लिए बड़ी उपलब्धि
फिल्म निर्माता पायल कपाड़िया ने बताया कि उनके लिए यह पल अप्रत्याशित बोनस जैसा था। अवॉर्ड के महत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने बताया कि इस फिल्म को भारत में रिलीज करना ही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि थी। कई वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद पायल कपाड़िया ने इस बात पर अपना उत्साह जताया कि फिल्म को कैसे सराहा जाए। उन्होंने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जिसका वह वर्षों से इंतजार कर रही थीं।
ऑस्कर लॉबी की तरह काम करता है: पायल कपाड़िया
पायल कपाड़िया ने बताया कि ऑस्कर लॉबी की तरह काम करता है। उन्हें हाल ही में इस प्रक्रिया में शामिल होने की जटिलताओं के बारे में मालूम चला। फिल्म निर्माता ने कहा, "ऑस्कर की दौड़ में यह मायने रखता है। एक तरह से यह समझदारी वाला विकल्प है, क्योंकि ऑस्कर एक लॉबी जैसा है और मैं इस काम को समझ रही हूं।" उन्होंने बताया कि वह हमेशा टीवी पर ऑस्कर अवॉर्ड को देखने के लिए उत्साहित रहती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय सहायता एक फिल्म को बहुत आगे तक ले जा सकती है। फिल्म निर्माता पायल कपाड़िया ने कहा, "वित्तीय सहायता होना बहुत अच्छी बात है और यह आपके फिल्म को आगे तक ले जाता है।" उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म को फ्रांस में संभावित ऑस्कर नामांकन के तौर पर शॉर्टलिस्ट करना उनके लिए बड़ा झटका जैसा था।