बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा का हालिया उज्जैन दौरा और महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है। मंदिर में पूजा-अर्चना की तस्वीरें सामने आने के बाद बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे इस्लामी उसूलों के खिलाफ बताया। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों तक तीखी बहस शुरू हो गई है।
नुसरत भरूचा पर भड़के मौलाना
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना रजवी ने कहा कि नुसरत भरूचा का मंदिर जाकर पूजा करना शरीयत के दायरे से बाहर है। उनके मुताबिक, इस्लाम में किसी अन्य धर्म की पूजा पद्धति अपनाने की इजाजत नहीं है। उन्होंने अभिनेत्री से सार्वजनिक रूप से पछतावा जताने और धार्मिक नियमों के अनुसार प्रायश्चित करने की बात कही। मौलाना का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
उज्जैन पहुंची थीं नुसरत
नुसरत भरूचा हाल ही में मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंची थीं, जहां उन्होंने देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल महाकाल मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक तरीके से पूजा की और जलाभिषेक भी किया। जैसे ही इन पलों की तस्वीरें और वीडियो सामने आए, एक वर्ग ने अभिनेत्री के इस कदम का समर्थन किया तो वहीं दूसरा वर्ग नाराज हो गया। इसी कड़ी में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का बयान सुर्खियों में आ गया।
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नए साल को लेकर भी कर चुके अपील
यह पहली बार नहीं है जब मौलाना शहाबुद्दीन रजवी अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वे नए साल के जश्न को लेकर मुस्लिम समाज से अपील कर चुके हैं। उन्होंने 31 दिसंबर और 1 जनवरी को मनाए जाने वाले जश्न को यूरोपीय संस्कृति बताते हुए इसे गैर-जरूरी और इस्लामी शिक्षाओं के विपरीत बताया था। उनके अनुसार, इस्लामी कैलेंडर का आरंभ मुहर्रम से होता है और इसी के अनुसार धार्मिक जीवन जीना चाहिए।
नुसरत की मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं
नुसरत भरूचा के मामले में दिलचस्प बात यह है कि अभिनेत्री की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनके प्रशंसक और कई सामाजिक संगठन उनके समर्थन में सामने आए हैं। लोगों का कहना है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और हर नागरिक को अपनी आस्था के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल पर जाने की स्वतंत्रता है।
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पहले भी खुलकर जाहिर कर चुकीं भावनाएं
बता दें नुसरत भरूचा का नाम पहले कभी सीधे तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले किसी बड़े या कानूनी विवाद में नहीं रहा है, लेकिन कुछ मौकों पर उनके बयानों और सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर धार्मिक या सामाजिक बहस जरूर खड़ी हुई है। नुसरत कई मोकौं पर ये साफ कर चुकी हैं कि वो मुस्लिम होकर हिंदू धर्म को भी उतना ही मानती हैं। इससे पहले भी जब उन्होंने अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर जाने की तस्वीरें साझा की थीं, तब सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए थे कि वह किस धर्म को फॉलो करती हैं। हालांकि नुसरत कई इंटरव्यू में यह कह चुकी हैं कि वो खुद को पहले इंसान मानती हैं और धर्म बाद में आता है।