हैप्पी न्यू ईयर फिल्म कैसी है इस बात को लेकर अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी जया बच्चन आमने-सामने आ गए हैं। अमिताभ फिल्म को लेकर कुछ और कह रहे हैं और जया कुछ और। पहले जया की सुन लीजिए
जया बच्चन खरी-खरी बातें कहने के लिए पहचानी जाती हैं। उनकी साफगोई का आलम यह है कि उन्होंने हाल में रिलीज हुई अपने बेटे अभिषेक बच्चन की फिल्म हैप्पी न्यू ईयर तक को नहीं बख्शा है।
उन्होंने इस फिल्म के प्रति नाखुशी जाहिर करते हुए मुंबई में आयोजित एक साहित्य समारोह में कहा कि हाल के वर्षों में मैंने जो सिनेमा देखा है उनमें हैप्पी न्यू ईयर सबसे नॉनसेंस (बेसिर-पैर की) फिल्मों में से है। मैंने यह फिल्म सिर्फ इसलिए देखी कि इसमें अभिषेक थे।
जया ने यह भी बताया कि फिल्म देखने के बाद मैंने अभिषेक से कहा कि वह अगर कैमरे के सामने ऐसी बेवकूफी भरी हरकतें ही कर सकते हैं तो वह महान ऐक्टर हैं। इन दिनों जिस तरह की फिल्में बन रही हैं मैं उनका हिस्सा हिस्सा नहीं बन सकती और यही कारण है कि मैंने फिल्मों में काम स्वीकारना बंद कर दिया है।
सिनेमा आज पूरी तरह से बिजनेस बन गया है, कला नहीं रह गया। हम अच्छी फिल्मों को आर्ट हाउस सिनेमा कहते हैं। इसका यही मतलब है कि सिनेमा कला है। जया बच्चन इस विषय पर बोल रही थीं कि साहित्य सिनेमा को बेहतर बनाने में नाकाम रहा है। अपने इसी लेक्चर के दौरान उन्होंने खराब फिल्मों का उदाहरण देते हुए हैप्पी न्यू ईयर और अभिषेक बच्चन की खिंचाई की। सच भी है कि मां से बेहतर अपने बच्चे का आकलन कौन कर सकता है।