बॉलीवुड कलाकार नवाजुद्दीन सिद्दीकी इन दिनों पाकिस्तानी उर्दु लेखक सआदत हसन मंटो की बायोपिक 'मंटो' को लेकर चर्चा में है। उनकी यह फिल्म बीते शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। दर्शक सहित फिल्म समीक्षक भी 'मंटो' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अभिनय की काफी तारीफ कर रहे हैं। वहीं खुद नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी मंटो के किरदार को करने के लिए अपने आपको भाग्यशाली माने हैं।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने सआदत हसन मंटो का किरदार को करते हुए क्या-क्या महसूस किया इस बात को उन्होंने मीडिया के आगे भी रखा। उन्होंने बताया कहा- 'हर कलाकार को पानी की तरह होना चाहिए जो हर किरदार में खुद को ढाल ले। कलाकार के तौर पर कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो हमारे अंदर थोड़ा बहुत ही सही लेकिन हमेशा के लिए रह जाते हैं। सआदत हसन मंटो के किरदार का कुछ हिस्सा मेरे भी अंदर रह गया है। जैसे किसी के बारे में जाने बिना अपनी राय नहीं बनाना।' साथ ही नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने यह भी बताया कि मंटो के किरदार के बाद वह सच बोलने पर और भी ज्यादा विश्वास करने लगे हैं।
आपको बता दें कि सआदत हसन मंटो का जन्म 11 मई 1912 में लाहौर में हुआ था। बतौर लेखक उन्होंने करीब 22 लघु कथा संग्रह, एक उपन्यास, रेडियो नाटकों के संग्रह भी प्रकाशित किए थे। ठंडा गोश्त, टोबा टेक सिंह,खोल दो और बू जैसी कई शानदार रचनाएं की हैं। उनकी लेखनी पर अश्लीलता के भी आरोप लगे हैं। नवाजुद्दीन सिद्दीकी की इस फिल्म में मंटो की जिंदगी से जुड़े इन्हीं कुछ खास घटनाओं को दिखाया गया है।