नसीरुद्दीन शाह इन दिनों अपनी बयानबाजी के लिए जाने जा रहे हैं। वह हर दिन कुछ न कुछ नए बयान दे रहे हैं, कभी देश के मुस्लिमों को लेकर तो कभी फिल्म द केरल स्टोरी पर। अब एकबार फिर से अभिनेता ने नए संसद के उद्धाटन समारोह पर तंज कसा है। उन्होंने इसकी तुलना पीएम मोदी के स्मारक से कर दी है। नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि देश के सर्वोच्च नेता अपने लिए स्मारक बनाना चाहते हैं। हालांकि अभिनेता ने संसद की नई इमारत को समय की मांग और जरूरत भी बताया, लेकिन उन्होंने इसके उद्धाटन समारोह पर सवाल किया।
हर चीज में धार्मिक पहलू
नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि नए संसद भवन की इमारत 100 साल पुरानी थी, इसलिए इस बिल्डिंग की जरूरत थी, लेकिन क्या ऐसे उद्धाटन समारोह की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि आप हर चीज में धार्मिक पहलुओं को शामिल कर रहे हैं। आप इस तरह से पुजारियों से घिरे होकर आते हैं जैसे कि यह इंग्लैंड का राजा है जो कि बिशपों से घिरा है। आप राजदंड लेकर आते हैं। भव्यता के भ्रम की एक सीमा होनी चाहिए। और मुझे लगता है कि इसका खामियाजा हम भुगत रहे हैं।
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द केरल स्टोरी पर क्या कहा
अभिनेता इससे पहले मुस्लिमों को लेकर भी अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा था पढ़े-लिखे लोगों में भी मुसलमानों से नफरत करना आजकल फैशन बन गया है। लोगों ने बहुत चतुराई से ये नैरेटिव सेट किया है। इसके अलावा अभिनेता ने द केरल स्टोरी पर भी अपनी बात रखी। द केरल स्टोरी को नसीरुद्दीन शाह ने द केरल स्टोरी की सफलता को खतरनाक ट्रेंड बताया है।