दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मुंबई के आजाद पार्क में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके से मिले। यहां सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। गांधी जयंती के मौके पर नसीरुद्दीन की मौजूदगी को समर्थन के तौर पर देखा गया। दीपके ने उनकी मुलाकात का एक वीडियो एक्स पर शेयर किया। दीपके ने इस दिग्गज अभिनेता को अपने साथ जुड़ते देख हैरानी भी जताई।
क्या है सीजेपी की मांग?
सीजेपी ने शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन शुरू किया। वे ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह विरोध चुनाव आयोग में असहमति के विवाद और वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) को लेकर है। सीजेपी ने घोषणा की थी कि अगर कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो विरोध प्रदर्शन मुंबई से शुरू होकर पूरे भारत के शहरों में फैल जाएगा।
नसीरुद्दीन शाह
- फोटो : एक्स
अभिनेता पहले भी कर चुके समर्थन
विरोध प्रदर्शन में शाह की मौजूदगी सीजेपी के नेतृत्व वाले आंदोलन के लिए उनके पहले के समर्थन को और मजबूत करती है। अनुभवी अभिनेता ने पहले भी समूह के जुलाई के आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बात की थी और प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की आलोचना की थी।
इससे पहले दीपके ने समर्थकों से गांधी जयंती पर लोकतंत्र बचाने का आह्वान किया था और सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। शिवाजी पार्क में प्रस्तावित सभा से पहले दादर स्टेशन पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
नसीरुद्दीन शाह
- फोटो : X
क्या बोले थे नसीरुद्दीन शाह?
इससे पहले जुलाई में, शाह ने सीजेपी के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की निंदा की थी। इसमें शामिल लोगों की तुलना अमेरिकी ICE एजेंटों से की थी। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में, अनुभवी अभिनेता ने युवा प्रदर्शनकारियों के साथ किए गए व्यवहार पर अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा कि देश के युवाओं के लिए उनकी उम्मीद और मजबूत हुई है।
हालात पर बात करते हुए अभिनेता ने कहा, 'मैं आप सभी से दो बातें कहना चाहता हूं। पहली बात यह है कि अगर कोई अज्ञानी व्यक्ति इस देश का नेतृत्व करता है, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा देश भी उतना ही अज्ञानी, नासमझ और बेरहम बन जाए जितना वह खुद है।'
शाह ने कब दिया था बयान?
शाह ने लोगों से भविष्य और युवा प्रदर्शनकारियों के संघर्षों के बारे में सोचने का आग्रह भी किया था। उनका यह बयान दिल्ली के जंतर-मंतर पर बढ़े तनाव के बीच आया था, जहां 18 जुलाई की सुबह एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से हटाए जाने के बाद विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए थे।