सुभाष घई की बनाई फ़िल्म कर्मा भले ही उनकी सफल फ़िल्मों में गिनी जाती है लेकिन नसीरुद्दीन शाह की यादों में ये फ़िल्म बुरे अहसास की तरह दर्ज है, जिसका ज़िक्र आज भी उन्हें ग़ुस्सा दिलाता है।
40 साल लंबे करियर में नसीर की हमेशा तारीफ़ ही हुई है पर उनकी अपनी नज़र में किस भूमिका को करने का उन्हें अफ़सोस रहा।
ये सवाल पूरा होने से पहली ही उनक जवाब आता है- ‘‘कर्मा सबसे पहला नाम। मैंने बड़ी उम्मीदों के साथ हां की थी। दिलीप कुमार साहब के साथ काम करने का मेरा सपना पूरा होने वाला था। बहुत उम्मीदों के साथ उस फ़िल्म में शामिल हुआ था लेकिन मेरा दिल टुकड़े-टुकड़े हो गया।’’