Nana Patekar: साल 2023 में फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ के प्रमोशन के दौरान नाना पाटेकर ने अपनी मौत और अंतिम संस्कार को लेकर ऐसी बात कही थी, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया था।
अभिनेता नाना पाटेकर अपनी बेबाक बातों और अलग अंदाज के लिए जाने जाते थे। वह जिंदगी से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते थे। मौत को लेकर भी नाना का नजरिया काफी अलग रहा।
विज्ञापन
हमें मालूम है...
15 सितंबर 2023 को ‘आज तक’ को दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने बताया था कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार की तैयारी पहले से ही कर रखी है। उन्होंने कहा, 'हमें मालूम है, हमें 12 मन लकड़ी लगने वाली है। यही मेरी फाइनल प्रॉपर्टी है। इसके साथ मैं चला जाऊंगा।' इतना ही नहीं, उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए 12 मन लकड़ियां अलग से रख भी दी हैं।
लेकिन मौत जैसी गंभीर बात करते हुए भी नाना अपने खास अंदाज में मजाक करना नहीं भूले। उन्होंने कहा था, 'मैंने अपनी 12 मन लकड़ियां रखी हुई हैं। वो सूखी हैं। उसी मैं मुझे जलाना। गीली लकड़ी मत इस्तेमाल करना।'
विज्ञापन
Trending Videos
नाना पाटेकर
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या थी इसके पीछे की वजह?
इसके पीछे नाना की वजह सुनकर शायद किसी के चेहरे पर मुस्कान आ जाए। उन्होंने कहा था कि अगर गीली लकड़ी जलाई गई तो उससे धुआं निकलेगा और वहां मौजूद लोगों की आंखों में पानी आ जाएगा। ऐसे में उन्हें गलतफहमी हो सकती है कि लोग उनके लिए रो रहे हैं।
नाना ने मजाकिया अंदाज में कहा था, 'फिर आंख से पानी आएगा... ऐसे में मरते वक्त गलतफहमी होगी कि मेरे लिए रो रहे हैं।' इसके बाद उन्होंने कहा था कि कम से कम मरते वक्त ऐसी गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।
नाना पाटेकर
- फोटो : सोशल मीडिया
मौत के बाद जिंदगी रुकती नहीं
इस बातचीत में नाना ने यह भी बताया था कि मौत के बाद जिंदगी रुकती नहीं है। इंसान के जाने के बाद लोग धीरे-धीरे अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाते हैं। उनका मानना था कि इंसान को हमेशा के लिए रहने की सोचकर चीजें इकट्ठा करने के बजाय जिंदगी को समझना चाहिए। उनके लिए मौत भी जिंदगी की तरह ही एक सच्चाई थी, जिससे भागने के बजाय उसे स्वीकार करना चाहिए।
कैसे हुआ नाना का निधन?
जानकारी के अनुसार, नाना पाटेकर को गुरुवार सुबह उनके गोवा वाले घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक लगातार CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।