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खारिज हुई आलोक नाथ की पत्नी की याचिका, कोर्ट ने कहा- सोशल मीडिया पर लिखना अभिव्यिक्ति का अधिकार

Fri, 26 Oct 2018 01:08 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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vinta nanda - फोटो : ANI
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मुंबई के डिंडोशी सत्र न्यायालय ने आलोक नाथ की पत्नी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि विनता नंदा को किसी भी प्लेटफॉर्म पर बोलने की आजादी है। ये उनके अभिव्यिक्ति के अधिकार के तहत आता है। इसलिए हम कोई भी ऑर्डर पास नहीं कर सकते।

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दरअसल विनता नंदा के आरोपों के बाद आलोक नाथ की पत्नी आशू सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका के तहत विनता पर किसी भी प्लेटफॉर्म पर बयान देने पर रोक लगाए जाने की बात कही गई थी। आज शुक्रवार को आशू की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा है कि विनता टीवी, सोशल मीडिया, प्रिंट या दूसरे किसी भी प्लेटफॉर्म पर बयान दे सकती हैं। ये उनका अधिकार है।
 

 

बता दें MeToo मूवमेंट के जोर पकड़ने के बाद राइटर और डायरेक्टर विनता नंदा ने आलोक नाथ पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनता नंदा ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए लिखा कि 'एक बार मैं आलोक नाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुई। वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकली। ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था। आलोक नाथ ने मुझे घर छोड़ने की पेशकश की।' 'मैं उस पर भरोसा करके गाड़ी में बैठ गई । इसके बाद मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई। बाद में विनता ने यह भी कहा कि इस घटना के बारे में उन्होंने आलोक नाथ की पत्नी आशु को भी इस बारे में बताया था लेकिन उन्होंने उनकी कोई मदद नहीं की थी। 

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इसके बाद आलोक नाथ ने लेखिका विनता नंदा के खिलाफ मानहानि का केस फाइल किया। उन्होंने मुआवजे के तौर पर सिर्फ एक रुपये की मांग की। उन्होंने मुकदमा दायर करते हुए विनता नंदा से लिखित माफी की भी मांग की। मामला अभी कोर्ट में है। वहीं आलोक नाथ और उनकी पत्नी आशू सिंह ने विनता नंदा के सभी आरोपों को गलत बताया है।  उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि विनता नंदा द्वारा सोशल मीडिया व मीडिया को दिए गए इंटरव्यू के कारण आलोक नाथ व उनकी पत्नी आशु की छवि को नुकसान पहुंचा है। 

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