मुंबई के डिंडोशी सत्र न्यायालय ने आलोक नाथ की पत्नी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि विनता नंदा को किसी भी प्लेटफॉर्म पर बोलने की आजादी है। ये उनके अभिव्यिक्ति के अधिकार के तहत आता है। इसलिए हम कोई भी ऑर्डर पास नहीं कर सकते।
बता दें MeToo मूवमेंट के जोर पकड़ने के बाद राइटर और डायरेक्टर विनता नंदा ने आलोक नाथ पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनता नंदा ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए लिखा कि 'एक बार मैं आलोक नाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुई। वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकली। ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था। आलोक नाथ ने मुझे घर छोड़ने की पेशकश की।' 'मैं उस पर भरोसा करके गाड़ी में बैठ गई । इसके बाद मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई। बाद में विनता ने यह भी कहा कि इस घटना के बारे में उन्होंने आलोक नाथ की पत्नी आशु को भी इस बारे में बताया था लेकिन उन्होंने उनकी कोई मदद नहीं की थी।