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‘घूसखोर पंडित’ के विवादित टाइटल पर एमपी कोर्ट का बड़ा एक्शन, डायरेक्टर और नेटफ्लिक्स के अधिकारियों को नोटिस

Wed, 25 Feb 2026 03:09 PM IST
संदेश मेहरा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ghooskhor Pandat: मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के टीजर रिलीज होने के बाद से ही नाम को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। अब एमपी कोर्ट ने भी इसके विवादित टाइटल पर बड़ा एक्शन लिया है। 

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'घूसखोर पंडित' - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ लगातार विवादों में बनी हुई है। इसके नाम को लेकर ब्राह्मण समुदाय ने काफी विरोध जाहिर किया। इस फिल्म का विवाद सुप्रीम कोर्ट तक चला गया। जिसके बाद निर्माताओं को नाम बदलने का आदेश दिया गया। अब एमपी कोर्ट ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है। 

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टाइटल से हुआ ब्राह्मण समुदाय का अपमान
एमपी कोर्ट ने नीरज पांडे और नेटफ्लिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। यह आदेश जबलपुर की जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कोर्ट ने आपराधिक मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फिल्म का टाइटल ब्राह्मण समुदाय का अपमान करता है।

शिकायतकर्ता पंडित वैभव पाठक मध्य प्रदेश प्रोग्रेसिव ब्राह्मण महासभा से जुड़े बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि फिल्म का नाम समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। उनके मुताबिक ‘पंडित’ शब्द भारतीय परंपरा में ज्ञान, विद्वता और धार्मिक पवित्रता का प्रतीक रहा है। इसे ‘घूसखोर’ जैसे शब्द के साथ जोड़ने से पूरे समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचा है।

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'घूसखोर पंडित' - फोटो : अमर उजाला

इनको भेजा है नोटिस
शिकायतकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने दलील दी कि भले ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फिल्म के टाइटल में बदलाव की बात सामने आई हो, लेकिन पहले किए गए बड़े लेवल पर प्रचार से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

कोर्ट ने निर्माता-निर्देशक के रूप में नीरज पांडे के अलावा नेटफ्लिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों - रीड हेस्टिंग्स, टेड सारंडोस, बेला बजारिया और मोनिका शेरगिल को भी नोटिस भेजा है। अब संबंधित पक्षों को अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा। अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय की जाएगी।

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