है जवानी तो इश्क होना है में मौनी रॉय
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फिल्म का हिस्सा बनने पर जताई खुशी
फिल्म का हिस्सा बनने पर खुशी जताते हुए मौनी ने कहा कि शुरू में अपने रोल के बारे में सुनकर मुझे भी हैरानी हुई थी। सबसे पहले कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने मुझे फोन किया था। जब उन्होंने मुझे रोल के बारे में बताया, तो मेरा पहला रिएक्शन भी यही था। मैंने कहा, 'उनकी मां?' फिर मैंने जाकर डेविड सर और फरहाद सामजी (डायलॉग राइटर) से कहानी सुनी।
मैं जोर-जोर से हंस पड़ी। जरा सोचिए वरुण मनीष को फोन करके कह रहे हैं, 'मां का फोन कॉल नहीं चाहिए, पूरी की पूरी मां चाहिए। निरूपा रॉय जैसी।' और फिर सीन कट होता है और मैं अंदर आती हूं, जहां कोई जिमी सर के किरदार से कह रहा है, 'क्या यह मां के रोल के लिए थोड़ी छोटी नहीं है?'
मैं डेविड धवन की बड़ी फैन रही हूं
फिल्ममेकर की तारीफ करते हुए मौनी ने डेविड धवन के लिए अपनी गहरी पसंद जाहिर की और बताया कि उन्होंने यह प्रोजेक्ट क्यों नहीं छोड़ा। एक्ट्रेस ने कहा कि मैं डेविड धवन की बहुत बड़ी फैन हूं। उनकी फिल्में मेरी दोस्त जैसी हैं। उन्हें देखना मुझे सुकून देता है।
उन्होंने कहा था कि यह उनकी आखिरी फिल्म होगी। साथ ही यह एक कॉमेडी फिल्म थी और मैं पहली बार कॉमेडी कर रही थी। इसलिए मैं इसका बेसब्री से इंतजार कर रही थी। उन्होंने मुझे सभी प्रमोशन से दूर रखा। यह एक अच्छा फैसला था क्योंकि इससे लोगों में उत्सुकता जगी कि फिल्म में यह क्या कर रही है।
है जवानी तो इश्क होना है
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