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Hijab Row: हिजाब के समर्थन में आईं मिस यूनिवर्स हरनाज कौर संधू, बोलीं- लड़कियों के पंख मत काटो

Sun, 27 Mar 2022 04:13 PM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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हरनाज संधू - फोटो : सोशल मीडिया
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हिजाब पहनने को लेकर कोर्ट ने भले ही फैसला सुना दिया हो लेकिन अभी भी यह विवाद थमता नहीं दिख रहा है। मिस यूनिवर्स 2021 हरनाज कौर संधू ने लोगों से अपील की है कि लड़कियों को टारगेट बनाना बंद करें। हिजाब विवाद को लेकर हरनाज ने कहा जिस ढंग से वह जीना चाहती हैं, उन्हें जीने दो। कर्नाटक हाईकोर्ट की तीन जजों की खंडपीठ ने हाल ही में उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनने की अनुमति मांगी गई थी। उसमें कहा गया था कि स्कार्फ एक आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है और जिन शिक्षण संस्थानों में यूनीफार्म निर्धारित की गई है वहां इसका पालन किया जाना चाहिए। 

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सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक क्लिप में एक रिपोर्टर ने संधू से हिजाब के मुद्दे पर उनके विचार पूछे। चंडीगढ़ की रहने वाली मॉडल ने तब इस सवाल पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज में कितनी बार लड़कियों को निशाना बनाया जाता है। हरनाज ने कहा- सच कहूं तो आप हमेशा लड़कियों को ही क्यों निशाना बनाते हो ? अब भी आप मुझे निशाना बना रहे हो जैसे, हिजाब के मुद्दे पर लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। संधू ने कहा लड़कियों को अपनी मर्जी से जीने दो, उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचने दो, ये उसके पंख हैं, उन्हें मत काटो। 

हरनाज संधू - फोटो : instagram
हाल ही में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक मुस्लिम छात्र को हिजाब में मध्य प्रदेश के एक विश्वविद्यालय में नमाज अदा करते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में केंद्रीय संस्थान डॉ. हरिसिंह गौर सागर विश्वविद्यालय में एक क्लास के अंदर छात्र को नमाज अदा करते हुए दिखाया गया। 

एक दक्षिणपंथी समूह, हिंदू जागरण मंच ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र के खिलाफ कार्रवाई करने की शिकायत की है। विश्वविद्यालय ने कहा कि उसने जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 15 मार्च को कक्षाओं के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
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हरनाज संधू - फोटो : instagram/harnaazsandhu_03
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कक्षाओं में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध का समर्थन करते हुए कहा था कि हिजाब एक आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है। बीते गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
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