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एक्टर जायद खान की नजर से देखिए, क्यों खास है मॉरिशस और क्या हैं वहां की खूबियां

Sun, 19 Nov 2017 02:06 PM IST
जगदीश जोशी / अमर उजाला
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मॉरिशस हिंद महासागर व मेडागास्कर के पूर्व में स्थित एक द्वीपीय देश है। इसके अधीन सेंट ब्रेंडन, रॉड्रीगज व अगालेगा द्वीप भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। बचपन से लेकर अब तक मैं अनगिनत बार मॉरिशस जा चुका हूं।
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यहां के खूबसूरत आईलैंड और कुदरती नजारें मुझे बहुत भाते हैं। सच कहूं, तो मॉरिशस से मेरे बचपन की बहुत-सी यादें जुड़ी हैं, क्योंकि मेरा बचपन मॉरिशस में ही बीता है। मैं इसे धरती का स्वर्ग ही कहूंगा। यहां समुद्र किनारे वॉटर स्कीइंग, पैरासेलिंग, राइडिंग, बोटिंग के अलावा स्कूटिंग का बहुत ही मजा आता है। समुद्री खेलों के शौकीनों के लिए मॉरिशस बहुत बेहतरीन जगह है। 

मॉरिशस की राजधानी पोर्ट लुईस के अलावा रोस हिल, क्योरपाइप, माहेबर्ग, पैंपलमाउसेस समेत अन्य क्षेत्र दर्शनीय पर्यटक स्थलों में गिने जाते हैं। यहां पर लोग शंख, सीप, मोती की मालाएं व हस्त कला की अनेकों वस्तुओं को खरीदते और बेचते देखे जाते हैं। मॉरिशस में खाने-पीने की चीजें बहुत महंगी हैं।
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किसी फिल्म में पहली बार अगर मॉरिशस का फिल्मांकन हुआ था, तो वह मेरे वालिद संजय खान जी की ही फिल्म 'चांदी-सोना' में था। ऐसे में बरसों से वहां के लोगों के साथ अच्छे संबंध बने हुए हैं। मैं हाल ही में अपने नए टीवी शो 'हासिल' का शूट मॉरिशस करने गया था, तब भी वहां मुझे मेरे बहुत पुराने दोस्त मिले। उनके साथ पुराने दिनों को याद कर खूब इंज्वाय किया। 
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बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री को, तो मॉरिशस के लोग बहुत सहयोग देते हैं और प्यार से अपनाते हैं। मॉरिशस अपना-सा देश ही लगता है। महाशिवरात्रि पर मॉरिशस में हिंदू धर्म के लोगों का बहुत बड़ा उत्सव होता है, जहां सभी मिल कर भगवान शिव की पूचा-अर्चना करते हैं। यहां झीलों का नीला-नीला पानी देखता ही रह जाता हूं। यहां के लोगों की राष्ट्रभाषा फ्रेंच हंै, मगर खास बात यह है कि यहां के करीब 70 प्रतिशत लोग हिंदी भली-भांति समझते हैं। 

मुझे मॉरिशस से जुड़ा बचपन का एक किस्सा आज भी याद है, जब मैं पहली बार मॉरिशस में फिशिंग करने (मछलियां पकड़ने) गया था, तब मेरे वालिद साहब ने मेरे हाथ में फिसिंग रॉड थमा दिया। वह बोले देखते हैं तुम कैसे मछली पकड़ते हो। मछली पकड़ने में हालांकि बहुत वक्त लगता है। मगर मेरे हुक में पहली बार में ही दो मछलियां फंस गईं। उस समय मेरे वालिद ने मुझे लक्की बोला। इसके अलावा अनेकों फैमिली हॉलिडे से जुड़ी यादें हैं। 

मैं कभी साउथ अमेरिका नहीं जा पाया हूं। साउथ अमेरिका में एडवेंचर करना अभी मेरी चेक लिस्ट में बाकी है। समय मिला, तो अर्जेंटीना व ब्राजील भी होकर आऊंगा, क्योंकि यहां की भी मैंने काफी तारीफें सुनी हैं। भारत में मुझे हिमाचल बहुत भाया। मैं एक-दो बार फिल्म शूट के चलते हिमाचल गया था, मगर घूमने का समय नहीं मिल पाया।
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