यह राष्ट्र के लिए प्रेम गीत है
मनोज मुंतशिर ने कहा कि अतीत को पीछे छोड़ने का कभी कोई प्रयास नहीं किया गया। यह फिल्म 27 साल बाद बन रही है, संगीत कई मायनों में बदल चुका है। दर्शक बदल चुके हैं, सिनेमा बदल चुका है। जो कहानी हम आज सुना रहे हैं, वह वही कहानी नहीं है। हमने इसे अपने तरीके से सुनाया है। हमने आज के समय को ध्यान में रखते हुए इसमें अपना थोड़ा सा योगदान दिया है। बस इतना ही। जब हम बॉर्डर 2 के लिए गाने बना रहे थे, तो हमने उन्हें किसी भी प्रेम गीत की तरह ही लिया। यह हमारा सबसे बड़ा प्रेम गीत है। फर्क सिर्फ इतना है कि यह राष्ट्र के लिए है।
जावेद अख्तर ने ‘बॉर्डर 2’ में गाने लिखने से मना कर दिया था
मनोज मुंतशिर ने ‘बॉर्डर 2’ में ‘घर कब आओगे’ और ‘जाते हुए लम्हों’ गीत लिखे हैं। जावेद अख्तर ने पिछले दिनों कहा था कि उन्होंने ‘बॉर्डर 2’ के गीत लिखने से मना कर दिया था। उनका मानना है कि पुराने क्लासिक गानों को फिर से री-क्रिएट करना रचनात्मक दिवालियापन है। इसके बाद ही इन गानों को लेकर एक बहस शुरू हो गई।