वहीं बता दें कि नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने अपने ट्वीट मे लिखा था- ''मंत्रिपरिषद ने अपने सात प्रांतों, 77 जिलों और 753 स्थानीय प्रशासनिक प्रभागों को दिखाते हुए देश का एक नया नक्शा प्रकाशित करने का फैसला किया है। इसमें 'लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी' भी शामिल हैं। आधिकारिक नक्शा जल्द ही देश का भूमि प्रबंधन मंत्रालय प्रकाशित करेगा।''
गौरतलब है कि मनीषा ने नेपाल का समर्थन इसलिए किया क्योंकि वह मूल रूप से नेपाल की हैं। मनीषा कोइराला के परदादा नेपाल के बड़े बिजनेसमैन थे। उन दिनों किसी बात पर नेपाल के शासक के साथ उनकी अनबन हो गई थी। बात इतनी बढ़ गई कि उन्हें सब कुछ छोड़छाड़ कर भारत आना पड़ा। मनीषा नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बी.पी. कोइराला की नातिन हैं। इतना ही नहीं मनीषा के पिता भी खुद कैबिनेट मंत्री हैं।
सौदागर से शुरू हुआ फिल्मी सफर
मनीषा के फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1991 में आई फिल्म सौदागर से हुई थी। इस फिल्म को सुभाष घई ने निर्देशित किया था। फिल्म में राज कुमार- दिलीप कुमार एक साथ बड़े परदे पर दिखाई दिए थे। यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इसके अलावा मनीषा ने क्रिमिनल, बॉम्बे, अनोखा अंदाज, गुड्डू, राम शास्त्र, अकेले हम अकेले तुम, दुश्मन: ए वायलेंट लव स्टोरी, मन, सनम, कच्चे धागे, तुलसी जैसी फिल्मों में काम किया है। मनीषा ने हिंदी सिनेमा में सफल पारी खेली है और अभी भी वह फिल्मों में एक्टिव हैं। साल 2018 में मनीषा ने वेब सीरीज ‘लस्ट स्टोरीज’ में अभिनय किया था। मनीषा ने फिल्म ‘संजू’ में भी नरगिस का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था।
कुछ ऐसा रहा निजी जीवन
मनीषा ने साल 2010 में अपने ब्यवॉफ्रेंड ‘सम्राट दहल’ के साथ शादी की थी। सम्राट बिजनेसमैन हैं। लेकिन दो साल बाद ही दोनों का तलाक भी हो गया। मनीषा कैंसर सर्वाइवर भी रह चुकी हैं। उन्होंने जिंदगी और कैंसर से लड़ाई पर एक किताब लिखी है, नाम है- हील्ड। मनीषा कोइराला को 42 साल की उम्र में पता चला कि उन्हें ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer) है। उन्होंने न्यूयॉर्क में इसका इलाज कराय। कई सर्जरी और कीमोथैरेपी के बाद उन्हें 2015 में कैंसर-मुक्त घोषित किया गया।
किस बात को लेकर चल रहा विवाद
दरअसल नेपाल की कैबिनेट ने एक लैंडमार्क फैसले में नेपाल का नया नक्शा जारी किया। इस नक्शे में लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को नेपाल की सीमा का हिस्सा दिखाया गया है। लिपुलेख नेपाल के उत्तर-पश्चिम में है। यह भारत, नेपाल और चीन की सीमा से लगता है। भारत इसे अपना हिस्सा मानता है। भारत ने लिपुलेख में करीब 5,200 मीटर रोड का उद्घाटन किया है। नेपाल का कहना है कि भारत ने संप्रभुता का उल्लंघन किया है।