'संजू' को आप न कहना चाहती थीं। क्या बात थी आपके दिमाग में?
टाइपकास्ट होने का डर। पता चला कि फिर सब मां के रोल ऑफर करने लगेंगे। रणबीर मुझसे सिर्फ 10 साल छोटा है। मुझे अजीब लगा कि शाहरुख-सलमान-आमिर मेरे हीरो थे, वे आज भी नई लड़कियों के हीरो बन रहे हैं और मैं नए हीरो की मां बनूंगी।
आप शायद समय से पहले यहां आईं। आज हीरोइनों के लिए ज्यादा मौके हैं। गैर-पारंपरिक फिल्में करते हुए क्या सोच थी?
इसका श्रेय मैं हितैषियों को दूंगी, जिन्होंने सही रास्ता दिखाया। मुझमें समझ नहीं थी। जब मणिरत्नम ने 'बॉम्बे' ऑफर की, जिसमें भी मैं मां बनी थी और मेरी उम्र कम थी। मैं हिचक रही थी तो कैमरामैन अशोक मेहता ने समझाया कि मणिरत्नम के साथ काम करने के मायने क्या हैं। उस फिल्म से मुझे अलग पहचान दी और खूब तारीफें मिलीं। '1942: अ लव स्टोरी' में संजय लीला भंसाली असिस्टेंट डायरेक्टर थे। उन्होंने मुझे स्क्रिप्ट पढ़ने को दी। मुझे बहुत अच्छी लगी परंतु वह माधुरी दीक्षित या काजोल को लेना चाहते थे। मैंने उनसे कहा कि अगर ये हीरोइनें तैयार नहीं हुईं तो मैं फिल्म करूंगी। जो भी हुआ, बाद में मुझे यह फिल्म मिली।
'1942: अ लव स्टोरी' में आप पर लिखा गाना, एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा... की दूसरी मिसाल नहीं है। खूबसूरती की तारीफ में ऐसे शब्द। आपने तब इसे कैसे महसूस किया था?
तब मैं जिंदगी के उस मोड़ पर थी, जहां आप सिर्फ हर चीज के पीछे भाग रहे होते हैं। कुछ महसूस नहीं करते। मेरे दिमाग में बस यही था कि मुश्किल से फिल्म मिली है और डायरेक्टर जैसा कहते हैं, वैसा करना है। मुझे याद है विधु विनोद चोपड़ा के घर स्क्रिप्ट रीडिंग के दौरान वह जावेद अख्तर साहब से बातें करते थे कि इसमें लड़की की खूबसूरती को कैसे दिखाना है। विनोद ने मुझसे कहा था कि तुम्हें खुद को मेंटेन करना है, बहुत खूबसूरत दिखना है क्योंकि मेरी फिल्म में दो बड़े स्टार (अनिल कपूर-जैकी श्रॉफ) तुम पर लट्टू होंगे।
'बॉम्बे', 'अग्निसाक्षी', 'खामोशीः द म्युजिकल', 'दिल से' जैसी लीग से अलग फिल्में करने के बाद जब आपने फिर पारंपरिक, रोमांटिक, एक्शन फिल्में कीं तो सफलता नहीं मिली। क्या वजह रही?
कुछ मेरे गलत फिल्में चुनने की वजह से ऐसा हुआ और कुछ किस्मत का रोल रहा। मैंने उन दिनों यश चोपड़ा और करण जौहर की अच्छी-अच्छी फिल्मों को न कर दिया। अब सोचती हूं कि मैंने क्यों न कहा? जबकि वह फिल्में जैसे 'दिल तो पागल है' और 'कुछ कुछ होता है' सुपरहिट रहीं। मुझे लगता है कि शायद कभी ऐसा समय आता जब आपसे गलत फैसले होते हैं, लेकिन ये सब जिंदगी का हिस्सा हैं।
आपके भाई सिद्धार्थ फिल्मों में आए थे। अब कहां हैं?
सिद्धार्थ नेपाल की राजनीति में हैं। उन्होंने उसे अपना लिया है।
आप बिल्कुल दूर हैं राजनीति से?
मेरा पूरा परिवार राजनीति में है, तो मुझे मालूम रहता है कि क्या चल रहा है। हां, मैं सक्रिय राजनीति में नहीं हूं।
आपकी अगली फिल्म 'प्रस्थानम' की काफी चर्चाएं हैं। आखिर क्या बात है?
आप संजय दत्त के साथ हैं। यह संजय दत्त का ही प्रोडक्शन है। मेरे पास उनकी पत्नी मान्यता का फोन आया था। मैं उनके ऑफिस गई तो डायरेक्टर ने स्क्रिप्ट सुनाई। यह फैमिली ड्रामा है और मेरा रोल संजय की पत्नी का है।