हिंदी सिनेमा का बहुप्रतीक्षित फिल्म रामयुग का जिक्र चलने पर वह कहती हैं, ‘मैं निर्देशक कुणाल कोहली की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे रामायण का ऐसा किरदार दिया जिसकी आभा इस कहानी की महिला किरदारों में सबसे अलग रही है। ये एक ऐसा किरदार है जो दुनिया को जीतने वाले रावण का भी पूरे आत्मसम्मान के साथ सामना करता है। रावण को समझा सकने वाली मंदोदरी को कैमरे के सामने जीने का अनुभव मैं कभी नहीं भूल सकती। इस किरदार के लिए मैंने काफी तैयारी की और शूटिंग के समय जिस तरह मुझे मुक्त रूप से ये किरदार निभाने की छूट मिली, वैसी आजकल के सिनेमा में मुश्किल से ही मिलती है।’
अब तक करीब दो सौ विज्ञापन फिल्मों में नजर आ चुकीं ममता ने जुनून, लापतागंज, मेरे अंगने में, आधे अधूरे, पिया अलबेले, एक रिश्ता साझेदारी, एक दीवाना था, कलीरें और हमारी बहू सिल्क जैसे धारावाहिकों से अपनी पहचान बनाई है। धारावाहिकों के अपने किरदारों के बारे में ममता कहती हैं, ‘टेलीविजन पर अदाकारी का मैंने कोई दायरा नहीं बनाया है। अपने से थोड़े ही कम उम्र के कलाकारों की मां बनना किसी चुनौती से कम नहीं है। मुझे ऐसे किरदार पसंद आते हैं जिनमें कहानी के मुख्य किरदारों को गढ़ने या उनकी विचारधारा प्रभावित करने का माद्दा हो। एक दूजे के वास्ते का नए सीजन में मेरा किरदार ऐसी ही एक मां का है।’
बिग बॉस खत्म होने के बाद भी नहीं हुई इन दो कंटेस्टेंट की सुलह, मिलने से भी किया इंकार