यह बगावत का समय है
निर्देशक ने आगे कहा कि हाल ही में मैंने जो बेहतरीन चीजें देखी हैं, उनमें से एक है इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा'। मैंने इसके बारे में लिखा भी है। मुझे लगता है कि यह बगावत का समय है।
जब आप अपना दिल इसमें लगाते हैं और समय की नब्ज को समझते हैं, तो आप लोगों में कुछ संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली चीज की चाहत या प्यास देखते हैं, जो उनकी जिंदगी से जुड़ी हो। रात चाहे कितनी भी अंधेरी क्यों न हो, कुछ बागी और विद्रोही जरूर होंगे जो आकर कहानी को नए सिरे से लिखेंगे।
कहानी कहना इंसानी जाति की जान है और ऐसे कहानीकार जरूर होंगे जो आप पर थोपी गई लीक से हटकर चलने और भीड़ का हिस्सा बनने की मजबूरी को तोड़ने की हिम्मत दिखाएंगे।
वे सभी एल्गोरिदम जो आपको ऐसे प्लेटफॉर्म की ओर धकेलते हैं जिन्हें सिर्फ नंबरों से मतलब है, वे आपको खुद को बदलने और तय टेम्प्लेट में फिट होने के लिए मजबूर करते हैं। लेकिन हमेशा कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो इस दायरे से बाहर होगा—एक हिम्मतवाला इंसान जो नया 'पाइड पाइपर' बनेगा।