बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम कहते हैं कि फिल्में चुनते समय वह यह देखते हैं कि एक अभिनेता के तौर पर कोई भूमिका उनके लिए कितनी रुचिकर है। जॉन ने एक साक्षात्कार में आईएएनएस को बताया कि अभिनेता अक्षय कुमार के साथ फिल्म 'देसी बॉयज' और अभिषेक बच्चन के साथ 'दोस्ताना' के लिए अनुबंध करते समय उन्हें पता था कि फिल्म में काम करना मजेदार होगा।
उन्होंने कहा, "मैं फिल्म की व्यवसायिक सफलता की संभावना पर ज्यादा ध्यान नहीं देता बल्कि यह देखता हूं कि फिल्म में काम करना कितना मजेदार होगा। मुझे पता होता कि किन लागों के साथ और किस तरह की फिल्म में काम करना मजेदार होगा। मुझे यह भी पता होता है कि दर्शकों को फिल्म देखने में मजा आएगा।"
एक अभिनेता होने के साथ जॉन फिल्म निर्माता भी हैं। अभिनेता के तौर पर भले ही वह व्यवसायिक सफलता की चिंता नहीं करते हों लेकिन फिल्म निर्माता के तौर पर वह इस बात का ख्याल रखते हैं कि फिल्म में किसी का पैसा बर्बाद न हो।एक तरफ जॉन ने 'देसी बॉयज', 'दोस्तान' और 'हाऊसफुल 2' जैसी मनोरंजक फिल्में की हैं तो दूसरी तरफ 'वाटर', 'आशाएं' और 'नो स्मोकिंग' जैसी गैर-व्यवसायिक फिल्मों में भी बखूबी अभिनय किया है।
फिलहाल जॉन अपनी अगली फिल्म 'मद्रास कैफे' में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा, "मुझे फिल्म की पटकथा इसलिए पसंद आई क्योंकि यह तार्किक है। जॉन ने कहा कि 'मद्रास कैफे' दर्शकों को पूरा मनोरंजन करेगी। इस फिल्म में हर किसी के लिए कुछ न कुछ उपलब्ध होगा"। जॉन ने इस फिल्म की तुलना हॉल में ही ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म 'आरगो' से की।
जॉन अब्राहम की पिछली फिल्म 'आई, मी और मैं' को मिली जुली प्रतिक्रिया मिली। चुनिंदा दर्शक वर्ग को ध्यान में रख कर बनाई गई होने के कारण फिल्म बहुत ज्यादा सफल नहीं हो सकी। बड़ी स्टारकॉस्ट होने के बावजूद फिल्म की औसत शुरूआत हुई है।