माधुरी दीक्षित की गर्मियों के लिए साड़ियां
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'मां बहन' फिल्म में उनका किरदार समाज की सोच और जजमेंट का सामना करता है, खासकर उनके स्लीवलेस ब्लाउज पहनने को लेकर। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में माधुरी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्हें भी बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ा था।
जब माधुरी को कहा गया ‘बहुत दुबली’
माधुरी ने बताया कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते लोगों की राय और कमेंट्स से बचना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने करियर शुरू किया था, तब लोग कहते थे कि मैं बहुत पतली हूं। लोग कहते थे- इसको कुछ खिलाओ। लोग बहुत जल्दी जज कर लेते हैं। अगर आपका वजन बढ़ जाए तो भी बोलेंगे, कम हो जाए तो भी बोलेंगे।’
माधुरी दीक्षित और आमिर खान
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सोशल मीडिया के दौर पर क्या बोलीं माधुरी
माधुरी ने यह भी कहा कि पहले के समय में ऐसी बातों से निपटना थोड़ा आसान था क्योंकि तब सोशल मीडिया नहीं था। उन्होंने कहा, ‘आज के समय में सोशल मीडिया और उसकी अनाम पहचान की वजह से लोग कुछ भी कह देते हैं। लेकिन जरूरी है कि आप अपने काम पर ध्यान दें, जो आपको पसंद है वही करें और खुद से प्यार करना सीखें।’
माधुरी दीक्षित और सलमान खाम
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करियर की शुरुआत और सफलता
माधुरी दीक्षित ने 1980 के दशक में फिल्म ‘अबोध’ (1984) से अपने करियर की शुरुआत की थी। शुरुआत में उनकी कई फिल्में नहीं चलीं और उन्हें इंडस्ट्री में जगह बनाने में समय लगा।
उनकी किस्मत बदली फिल्म ‘तेजाब’ (1988) से, जिसमें उनके साथ अनिल कपूर नजर आए। इस फिल्म का गाना ‘एक दो तीन’ बेहद हिट हुआ और माधुरी रातों-रात स्टार बन गईं। इसके बाद उन्होंने ‘राम लखन’, ‘दिल’ और ‘साजन’ जैसी कई हिट फिल्मों से खुद को बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस के रूप में स्थापित किया।
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रवि किशन और माधुरी दीक्षित
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‘मां बहन’ की कहानी
सुरेश त्रिवेणी के निर्देशन में बनी फिल्म 'मां बहन' में माधुरी के साथ तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा और रवि किशन भी अहम भूमिकाओं में हैं।
फिल्म की कहानी रेखा (माधुरी) नाम की एक सिंगल मदर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक रात अपनी दोनों बेटियों जया और सुषमा को अचानक बुलाती है और बताती है कि उनके घर में पड़ोसी गुप्ता (रवि किशन) की लाश पड़ी है। इसके बाद तीनों मिलकर इस मुश्किल हालात से निकलने की कोशिश करती हैं। यह फिल्म समाज की सोच, जजमेंट और महिलाओं पर होने वाले दबाव को दिखाती है।