आयुष्मान खुराना स्टारर फिल्म आर्टिकल 15 विवादों में घिरती नजर आ रही है। दरअसल अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने आरोप लगाया है कि फिल्म में जाति के आधार पर समाज को बांटने वाला दिखाया गया है और ब्राह्मणों का अपमान किया गया है। इन आरोपों के चलते फिल्म मेकर्स के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने फिल्म आर्टिकल 15 के निर्माता और निर्देशक को कानूनी नोटिस जारी कर फिल्म से आपत्तिजनक हिस्सा हटाने की मांग की है। बता दें कि संस्था की ओर से वकील सुनील कुमार तिवारी ने फिल्म मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा है और नोटिस मिलने के 24 घंटे के अंदर फिल्म के जारी ट्रेलर में से आपत्तिजनक क्लिप हटाने की बात कही है।
नोटिस में फिल्म मेकर्स पर आरोप लगाया गया है कि ट्रेलर में ऊंची जाति वाले लोग दुष्कर्म और हत्या करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में समाज के एक खास वर्ग की छवि खराब की जा रही है। इसके साथ ही नोटिस में कहा गया है कि अगर ट्रेलर और फिल्म में से आपत्तिजनक सीन नहीं हटाए गए तो संस्था कानूनी कार्रवाई करेगी।
नोटिस के एक हिस्से में फिल्म आर्टिकल 15 के ट्रेलर में ब्राह्मण और कुछ अन्य जाति का अपमान की बात भी कही गई है। ऐसे में भारतीय संविधान के मुताबिक यह आर्टिकल 15 और आर्टिकल 25 का उल्लंघन है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि संविधान मौलिक अधिकारों के हनन की इजाजत नहीं देता। किसी को भी आम जनता की निगाह में किसी व्यक्ति, समूह और उसकी परंपराओं, उसकी जाति या धर्म को कमतर करने का अधिकार नहीं है।
नोटिस में आईपीसी की धारा 499 का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह फिल्म ब्राह्मणों की प्रतिष्ठा को हानि पहुंचा सकती है जिसकी संविधान इजाजत नहीं देता। सेंसर बोर्ड ऑफ इंडिया नागरिकों के मानवीय, मौलिक और प्राकृतिक अधिकारों का संरक्षक है। ऐसे में अगर कोई गैर कानूनी इजाजत दी गई है तो उसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
गौरतलब है कि फिल्म 28 जून को रिलीज होने वाली है, जिसमें आयुष्मान खुराना एक पुलिस अधिकारी के किरादर में नजर आएंगे।