आज उस अभिनेत्री की बर्थ एनीवर्सी है जिसकी कहानी मेहनत, हिम्मत और प्रतिभा की मिसाल है। वह हिंदी सिनेमा की एक ऐसी शख्सियत थीं, जिन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री 700 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनके नाम 70 साल से अधिक के सबसे लंबे अभिनय करियर का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। सिनेमा की एक ऐसी अभिनेत्री, जिन्होंने अपने शानदार अभिनय से लाखों दिलों पर राज किया। आज उनकी जयंती पर जानिए उनसे जुड़े दिलचस्प किस्से
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ललिता पवार का जन्म
ललिता पवार का जन्म 18 अप्रैल 1916 को महाराष्ट्र के नासिक में हुआ था। उन्होंने अपने करियर में करीब 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और सात दशकों तक दर्शकों का मनोरंजन किया।
शूटिंग के दौरान हुआ हादसा
ललिता पवार ने नन्हीं उम्र से ही अभिनय शुरू कर दिया था। उनकी पहली फिल्म 1928 में आई थी। शुरू में वह मुख्य अभिनेत्री के रूप में नजर आईं, लेकिन 1942 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुए हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। इस हादसे में उनकी एक आंख खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें मुख्य भूमिकाओं के बजाय चरित्र भूमिकाएं मिलने लगीं।
खलनायिका के किरदार में की मिली प्रसिद्धि
ललिता पवार को सबसे ज्यादा पहचान तेज तर्रार सास और नकारात्मक किरदारों से मिली। फिल्मों जैसे अनाड़ी, श्री 420, और दहेज में उनके किरदारों को आज भी याद किया जाता है। उन्हें अपने अभिनय के लिए कई पुरस्कार भी मिले, जिसमें 1959 में अनाड़ी के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेत्री पुरस्कार शामिल है।
मंथरा के नाम से मिली प्रसिद्धि
ललिता पवार ने रामानंद सागर के टीवी सीरियल "रामायण" में मंथरा का किरदार निभाया था। उन्होंने यह भूमिका 1988 में प्रसारित हुए रामायण में निभाई थी। इस रोल के लिए उन्हें खूब पहचान मिली। रामानंद सागर की रामायण में मंथरा का किरदार इतना दमदार था, कि लोग उनसे असल जिंदगी में भी नफरत करने लगे थे। आज भी दर्शक उन्हें मंथरा के किरदार से ज्यादा पहचानते हैं।
ललिता का परिवार
उनकी पहली शादी गणपतराव पवार से हुई थी, जो बाद में टूट गई। बाद में उन्होंने बॉम्बे के अंबिका स्टूडियो के फिल्म निर्माता राजप्रकाश गुप्ता से शादी की। उनके बेटे जय पवार एक निर्माता बन गए और उनके साथ मंजिल जैसी फिल्मों में काम किया।