इस साल की शुरूआत वॉयकॉम18 के सिनेमा कारोबार के लिए खराब रही। शिमला मिर्ची मजबूरन ओटीटी पर रिलीज करनी पड़ी। सरदार ऊधम सिंह की रिलीज डेट बदल चुकी है। हुड़दंग का भविष्य संकट में है। ले देकर सारी उम्मीदें आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा पर टिकी हैं, इसमें भी आखिरी सूचना तक वितरकों के तौर पर पैरामाउंट पिक्चर्स और जी स्टूडियोज की एंट्री हो चुकी है।
सुधांशु वत्स के लिए फिल्में और टीवी दिल के करीब का मामला रहा है और वह तमाम मौकों पर फिल्मी सितारों के खुद इंटरव्यू भी करते नजर आए हैं। लेकिन, फिल्मों से उनका आठ साल पुराना नाता अब टूट गया है।
सुधांशु वत्स ने अपनी नई नौकरी जी समूह के साथ शुरू की है। वह एसेल प्रोपैक के नए सीईओ और एमडी बनाए गए। जी समूह की इस कंपनी के बारे में खबरें आती रही हैं कि इसे ब्लैकस्टोन नाम की वित्तीय निवेश कंपनी खरीद रही है। ब्लैकस्टोन और एसेल प्रोपैक के बीच 51 फीसदी शेयर 31 करोड़ अमेरिकी डॉलर में सौदा होने की बात मुंबई मीडिया में होती रही है।
सुधांशु वत्स का ज्यादातर करियर एफएमसीजी उत्पादों वाली कंपनियों में ही रहा है, सिनेमा और टेलीविजन में आठ साल बिताने के बाद वह अब इन एफएमसीजी उत्पादों के लिए प्लास्टिक ट्यूब व पैकेजिंग मटीरियल बनाने वाली कंपनी में आ गए हैं। एसेल प्रोपैक अब तक डाबर, गोदरेज, इमामी, विको, मैरिको और पतंजलि के लिए ट्यूब बनाती रही है।
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