घूमना फिरना और काम एकसाथ नहीं हो सकता
पीढ़ीगत अपेक्षाओं और उनसे जुड़े विरोधाभासों के बारे में अभिनेता ने कहा कि जब हम जेन जेड की बात करते हैं और कहते हैं कि वे मिलेनियल्स जितना काम नहीं करना चाहते, तो यह भी अपेक्षाओं से जुड़ा है।
लोग जीवनशैली, आराम करने का समय, घूमने-फिरने के लिए ट्रिप चाहते हैं। लेकिन फिर वे शिकायत भी करते हैं अगर कोई 12 घंटे काम करके ज्यादा कमाता है। अगर कोई छुट्टियां नहीं मना रहा है, तो उसकी भी आलोचना होती है। आप यात्रा करना चाहते हैं लेकिन आप ज्यादा वेतन भी चाहते हैं। ये दोनों बातें हमेशा एक साथ नहीं चलतीं।
मनचाहे घंटे काम करना चाहते हैं, तो जिम्मेदारी भी लें
कुणाल खेमू ने आगे बताया कि जो अभिनेता अपने काम के घंटों पर अधिक नियंत्रण रखना चाहते हैं, वे अतिरिक्त जिम्मेदारियां ले सकते हैं, जैसे कि अपनी खुद की फिल्में बनाना। आप चाहें तो आठ घंटे या चार घंटे भी काम कर सकते हैं, लेकिन फिर निर्माता बनें, अपना पैसा लगाएं और खुद निर्णय लें।
अगर आप मालिक हैं और दिन में दो घंटे काम करने का फैसला करते हैं, तो आपको पता चलेगा कि फिल्म समय पर पूरी नहीं होगी और प्रोजेक्ट पर बहुत अधिक खर्च आएगा। हो सकता है कि आपको नुकसान उठाना पड़े। किसी और के पैसे से ये फैसले लेना बहुत आसान है।
ऐसी स्थिति तक पहुंचें जहां आप ठीक वही कर सकें जो आप चाहते हैं। लेकिन आप यह नहीं कह सकते, ‘मुझे काम दीजिए, मैं तय करूंगा कि आप मुझे कितना भुगतान करेंगे, मैं कब आऊंगा और काम कैसे होगा।’ तब लोग पूछेंगे कि उन्हें आपके साथ काम करने के परिणामों को क्यों भुगतना चाहिए। मैं यह सामान्य तौर पर कह रहा हूं।