टैलेंटेड हैं रणबीर कपूर और आलिया भट्ट
इस दौरान कृति ने नेपोटिज्म के बारे में भी बात की। उनका मानना है कि भले ही स्टार किड्स को भी रणबीर कपूर और आलिया भट्ट जैसे एक्टर्स की तरह खुद को साबित करना पड़ता है, लेकिन वे इस बात से सहमत हैं कि उन्हें अक्सर बाहरी लोगों की तुलना में बहुत आसानी से मौके मिल जाते हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार आपको पता चलता है कि किसी फिल्म के लिए आप पर विचार किया जा रहा है, लेकिन वह रोल किसी और को मिल जाता है। साथ ही सवाल सिर्फ नेपोटिज्म का नहीं है। फिल्मी बैकग्राउंड से आने वाले कई एक्टर्स सच में टैलेंटेड होते हैं। चाहे रणबीर कपूर हों या आलिया भट्ट, उन्होंने खुद को साबित किया है।
हो सकता है कि उन्हें दूसरों के मुकाबले आसानी से मौके मिले हों, लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत की है और वे बहुत टैलेंटेड हैं। असल बात तब होती है, जब कोई बिना एक्टर के तौर पर खुद को साबित किए आठ या नौ साल तक मौके पाता रहता है।
मुझे बस यही बात गलत लगती है। जब आप फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं आते हैं, तो अगर आप शुरुआती कुछ साल में खुद को साबित नहीं कर पाते, तो आप बाहर हो जाते हैं। आपको नजरअंदाज कर दिया जाता है।