महज चार साल की उम्र में वो बड़े पर्दे पर आ गई थीं। छह साल बाद 1975 में वे बतौर कलाकार पहली बार बॉलीवुड फिल्म 'जूली' में दिखीं। ये सिलसिला जारी रहा, आहिस्ता-आहिस्ता वे बड़े पर्दे से उतरकर फैंस के दिलों में बस गईं।
54 साल की उम्र में फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी का शनिवार को कार्डिएक एरेस्ट से दुबई में निधन हो गया। फिल्म इंडस्ट्री में जहां ये कहा जाता है कि अभिनेत्रियों का करियर ज्यादा लंबा नहीं होता है, वहां श्रीदेवी ने सिनेमा के लिए 50 साल काम किया।
- फोटो : bbc
साल 1969 में आई एमए थिरुमुगम की 'थुनाइवान' श्रीदेवी की पहली फिल्म थी। इसमें श्रीदेवी ने बतौर बाल कलाकार काम किया था। श्रीदेवी का वास्तविक नाम श्री अम्मा यंगर अयप्पन था। पर्दे पर उनके लिए श्रीदेवी नाम तय किया गया। अनिल कपूर और जितेंद्र के साथ श्रीदेवी की जोड़ी बेहद कामयाब रही।
जितेंद्र के साथ श्रीदेवी ने 16 फिल्मों में काम किया, जिनमें 13 कामयाब रहीं और तीन फ्लॉप 'सदमा' 1983 में रिलीज हुई थी। 'सदमा' के रोल के लिए श्रीदेवी को खूब सराहा गया। 'सदमा' तमिल फिल्म 'मूंदरम पिराई' की रीमेक थी।
श्रीदेवी उन गिनी-चुनी अभिनेत्रियों में से एक हैं जिन्होंने धर्मेंद्र और उनके बेटे सन्नी देओल दोनों के साथ काम किया है। नया कदम (1984), मकसद (1984), मास्टरजी (1985) और नजराना (1987) में राजेश खन्ना के साथ उनकी जोड़ी कामयाब रही।
1989 में आई चांदनी से श्रीदेवी को बेशुमार शोहरत मिली। उन्हें यश चोपड़ा की फेवरिट हीरोइनों में शुमार किया गया। 'लम्हे' में यश चोपड़ा ने उन्हें एक बार फिर कास्ट किया।
'खुदा गवाह' (1992) में वो अमिताभ बच्चन के साथ डबल रोल में दिखीं।
इससे पहले 'चालबाज' (1989) में डबल रोल निभा चुकी थीं कहते हैं कि काबुल में 'खुदा गवाह' दस हफ्तों तक हाउसफुल चली थी। इसमें श्रीदेवी ने एक पठान लड़की का किरदार निभाया था।
मिस्टर इंडिया (1987) शायद भारत की पहली साइंस फिक्शन सुपरहीरो फिल्म थी। सलीम-जावेद की पटकथा को शेखर कपूर ने डायरेक्ट किया था। कहा जाता है कि करियर की शुरुआत में कई फिल्मों में श्रीदेवी ने अपनी फिल्मों की खुद डबिंग नहीं की थी।