करण जौहर ने की अभियान की शुरुआत
कू ऐप पर यूजर्स भारत में बने उत्पादों का इस्तेमाल करके #GoSwadeshi (स्वदेशी अपनाओ), सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को छोड़कर #CleanTheEarth और पुन: उपयोग (रीयूज), कम इस्तेमाल (रेड्यूस), मरम्मत और रीसाइकल जैसी आदतों को अपनाकर #FightClimateChange का संकल्प ले सकते हैं। करण जौहर ने उत्पादों की रिसाइक्लिंग और रीयूज जैसी आदतों को अपनाकर जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से लड़ने की प्रतिज्ञा लेकर इस अभियान की शुरुआत की।
बता दें कि कू ऐप इस अभियान के जरिये यूजर्स को स्वतंत्र भारत की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए सशक्त बना रहा है, ताकि वे देश के लिए क्या करना चाहते हैं, इस पर अपने संकल्प को शेयर कर सकें। बता दें कि 1 अगस्त से शुरू होने वाला 15-दिवसीय अभियान लोगों को भारत के सशस्त्र बलों और कोविड योद्धाओं को सलाम करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिसमें समाज के कल्याण के लिए हर दिन प्रयास करने वाले डॉक्टर और स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
चीफ बिजनेस ऑफिसर ने कही ये बात
इस अभियान पर बात करते हुए कू ऐप के चीफ बिजनेस ऑफिसर सुनील कामथ ने कहा, 'एक अरब आवाजों के लिए अभिव्यक्ति की डिजिटल स्वतंत्रता को समक्ष करते हुए कू ऐप भारत की भावना को दर्शाता है। #NayeBharatKaSapna लोगों को प्रगतिशील आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करके अभिव्यक्ति की एक नई यात्रा को आगे बढ़ाएगा। हम करण जौहर द्वारा इस अभियान को शुरू करने के लिए उत्साहित हैं और उन सभी प्रख्यात हस्तियों के आभारी हैं जो अपने फॉलोअर्स को एक नए भारत के लिए सामाजिक मुद्दों को उठाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।'
जलवायु परिवर्तन की लड़ाई हम सबकीः करण जौहर
#FightClimateChange के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बारे में बोलते हुए करण जौहर ने कहा, 'इस जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में हम में से सबकी है। मैं #NayeBharatKaSapna में भाग लेने, कू ऐप पर बहुभाषी यूजर्स के साथ चर्चा करने और इस मुद्दे के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए उत्साहित हूं। आइए हम सभी आजादी के इस महीने में हाथ मिलाएं और अपने ग्रह, अपने देश और अपने लोगों के लिए काम करें। जय हिन्द!'
कू ऐप के बारे में
कू ऐप की लॉन्चिंग मार्च 2020 में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी, ताकि भारतीयों को अपनी मातृभाषा में अभिव्यक्ति करने में सक्षम किया जा सके। कू ऐप ने भाषा-आधारित माइक्रो-ब्लॉगिंग में नया बदलाव किया है। कू ऐप फिलहाल हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी समेत 10 भाषाओं में उपलब्ध है। यह ऐप भारतीयों को अपनी पसंद की भाषा में विचारों को साझा करने और स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्ति के लिए सशक्त बनाकर उनकी आवाज को लोकतांत्रिक बनाता है। मंच की एक अद्भुत विशेषता अनुवाद की है जो मूल टेक्स्ट से जुड़े संदर्भ और भाव को बनाए रखते हुए यूजर्स को रीयल टाइम में कई भाषाओं में अनुवाद कर अपना संदेश भेजने में सक्षम बनाती है। जिससे यह यूजर्स की पहुंच को बढ़ाता है और प्लेटफॉर्म पर सक्रियता तेज करता है। फिलहाल यह ऐप चार करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर छू चुका है। इस पर राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के 7,000 से ज्यादा प्रतिष्ठित व्यक्ति अपनी मूल भाषा में दर्शकों से जुड़ने के लिए सक्रिय हैं।