मुंबई के एक सत्र न्यायालय ने कंगना रणौत के कार्यालय में बीएमसी की तोड़फोड़ की कार्रवाई में कथित तौर पर बाधा पहुंचाने के मामले में रिपब्लिक चैनल के पत्रकार प्रदीप भंडारी को अग्रिम जमानत दे दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरएम सदरानी ने खार पुलिस द्वारा आईपीसी की धारा 353 (हमला), 188 (सरकारी कर्मी के काम में बाधा) सहित अन्य धाराओं में दर्ज शिकायत को लेकर भंडारी को अग्रिम जमानत दी।
अभियोजन का आरोप है कि आरोपी ने तोड़फोड़ की कार्रवाई वाले परिसर के बाहर 15-20 लोगों को एकत्र होने के लिए पैसे दिए थे। उस समूह ने वहां नारेबाजी की और पुलिसकर्मियों को काम करने से रोका था।
गौरतलब है कि बीएमसी ने कुछ दिनों पहले कंगना रणौत के ऑफिस मणिकर्णिका को अवैध बताते हुए आगे का हिस्सा तोड़ दिया था। इस बात को लेकर काफी हंगामा मचा था। इस घटना को लेकर कंगना ने ट्वीट कर लिखा था, 'मणिकर्णिका फिल्म्ज में पहली फिल्म अयोध्या की घोषणा हुई, यह मेरे लिए एक इमारत नहीं राम मंदिर ही है, आज वहां बाबर आया है, आज इतिहास फिर खुद को दोहराएगा राम मंदिर फिर टूटेगा मगर याद रख बाबर यह मंदिर फिर बनेगा यह मंदिर फिर बनेगा, जय श्री राम , जय श्री राम , जय श्री राम।'
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