आजादी के 68 साल बाद भी देश के पिछड़े इलाकों में महिलाओं को चुड़ैल बता कर उनका शोषण और हत्या करने की खबरें अक्सर आती हैं। सरकार के उठाए कदम भी इस समस्या का सामना करने वाला महिलाओं को सुरक्षा नहीं कर पाते।
इसी सच्चाई को दिखाने कि लिए निर्देशक मयंक पी.श्रीवास्तव फिल्म ला रहे हैः काला सच-द ब्लैक ट्रुथ। फिल्म शुक्रवार सात अगस्त को देश भर में रिलीज हो रही है। निर्देशक ने फिल्म में सदियों पुरानी कुरीति के खिलाफ लोगों को जगाने की कोशिश की है।
फिल्म में दिखाया गया है, कि कैसे आज भी दूर गांवो में जहां ना टीवी पहुंचता है और ना ट्विटर, फेसबुक वहां महिलाओं पर किस कदर जुल्म किए जाते हैं।
एक गांव की लड़की का संघर्ष है 'काला सच'
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक 12 राज्यों झारखंड, हरियाणा, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम और बिहार- में यह समस्या गंभीर है।
फिल्म कुसुम नाम की युवती की कहानी है जो अपने गांव में इस समस्या के विरुद्ध आवाज उठाती है। कुसुम पढ़ी-लिखी और निडर है। परंतु उसके विरोध के बाद गांव के प्रभावशाली लोग उसके खिलाफ हो जाते हैं।
फिल्म महिलाओं को चुड़ैल बता कर उनकी हत्या तथा शोषण करने के विरुद्ध कुसुम का संघर्ष दिखाती है। अभिनेत्री पाखी हेगड़े ने कुसुम की भूमिका निभाई है। मुश्ताक खान, हिमानी शिवपुरी, अमित घनश्याम, संजय बत्रा और बृजेश त्रिपाठी जैसे कलाकार भी फिल्म में अहम रोल हैं।