खिलाड़ी से एक्टर बनने का सफर
के.एन सिंह के पिता देहरादून में एक वकील थे। बड़े होने पर के.एन सिंह आर्मी में जाना चाहते थे। बाद में वह स्पोर्ट्स की फील्ड में सक्रिय हुए। जैवलीन थ्रो गेम में वह बर्लिन ओलंपिक (1936) के लिए सेलेक्ट भी हुए, लेकिन बहन के बीमार होने के कारण गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए। वह अपनी बहन की देखभाल के लिए कोलकाता पहुंच गए। यहां उनकी मुलाकात पृथ्वीराज कपूर से हुई। उन्होंने ही के.एन सिंह को देबकी बोस से मिलवाया। देबकी बोस ने के.एन सिंह को पहली फिल्म ‘सुनेहरा संसार’ ऑफर की। इसके बाद वह 40 से लेकर 50 के दशक तक कई फिल्मों में बतौर कैरेक्टर आर्टिस्ट, विलेन के रोल में नजर आए। इन फिल्माें में ‘बागबान’, ‘सिकंदर’, ‘ज्वार भाटा’, ‘हुमांयू’, ‘आवारा’, ‘जाल’, ‘सीआईडी’, ‘हावड़ा ब्रिज’, ‘चलती का नाम गाड़ी’ और ‘एन ईवनिंग इन पेरिस’ शामिल हैं।
राज कपूर, के.एन सिंह और धर्मेंद्र
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
नामी एक्टर्स की फिल्मों में बने विलेन
के.एन सिंह ने कई फिल्मों में विलेन के रोल निभाए। वह कई नामी हीरो के अपाेजिट भी विलेन बने और अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा लिया। खासकर राज कपूर की फिल्म ‘बरसात’ और ‘आवरा’ में के.एन सिंह के नेगेटिव रोल दर्शकों को काफी पसंद आए। वह धर्मेंद्र और राजेश खन्ना की भी कई फिल्मों में उनके दुश्मन बने। जब भी बड़े पर्दे पर के.एन सिंह का विलेन का किरदार नजर आता तो दर्शक डर जरूर जाते थे।
जब के.एन को देखकर एक महिला डर गई
बड़े पर्दे पर निभाए विलेन के किरदारों की छवि के.एन सिंह की पहचान का अहम हिस्सा बन गई। असल जिंदगी में भी लोग उन्हें बुरा आदमी ही समझने लगे। एक इंटरव्यू में वर्षों पहले के.एन सिंह ने ही बताया था कि वह एक फिल्म की शूटिंग खत्म करके वापस जा रहे थे। इस बीच उन्हें एक चिट्ठी अपने किसी दोस्त को देनी थी। वह उसके घर पहुंचे, तभी गेट पर एक महिला आई, जैसे ही उस महिला ने के.एन सिंह को देखा तो चिल्लाने लगी और डर के मारे घर के अंदर चली गई।
आखिर में आंखों की रोशनी खो दी
बहुत लंबे वक्त तक के.एन सिंह ने बॉलीवुड में काम किया, खूब शोहरत हासिल की लेकिन मुश्किल समय में इंडस्ट्री ने उनका साथ नहीं दिया। उम्र दराज होने पर के.एन सिंह ने अपनी आंखों की रोशनी खो दी। वह आखिर दिनों में अपनी एक गोद ली हुई संतान के साथ रहते थे। साल 2000 में यह उम्दा एक्टर हमारे बीच से चला गया लेकिन इनके निभाए विलेन के किरदार दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए बस गए।