रक्षाबंधन के मौके पर कृति सेनन अपने एक विज्ञापन में रिवीलिंग कपड़े पहनने को लेकर चर्चा में आ गईं। उनके पहनावे और रक्षाबंधन के त्योहार को दिखाए जाने के तरीके पर उनकी और ज्वेलरी ब्रांड की काफी आलोचना हुई। इसके बाद ज्वेलरी ब्रांड ने यह विज्ञापन हटा दिया। अब इस मामले पर ज्वेलरी ब्रांड ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
ब्रांड ने दिया कृति का साथ
ज्वेलरी ब्रांड को कृति सेनन वाले रक्षाबंधन के विज्ञापन को हटाने के बाद आलोचना का सामना करना पड़ा था। अब ब्रांड ने विज्ञापन को लेकर अपनी सफाई में कहा है कि उसका मकसद कभी भी धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। ब्रांड ने कृति सेनन का समर्थन किया है।
कृति सेनन विज्ञापन
- फोटो : यूट्यूब
कृति को लेकर क्या बोला ज्वेलरी ब्रांड?
ब्रांड के फाउंडर ने एक बयान में कहा 'मैं कृति के साथ रक्षाबंधन कैंपेन को लेकर हो रही बातचीत पर नजर रख रहा हूं, खासकर इस धारणा पर कि हम कैंपेन या उसके पीछे के संदेश के साथ खड़े नहीं रहे। मैं साफ करना चाहता हूं कि कैंपेन के पीछे की सोच को लेकर हमारा भरोसा अब भी वैसा ही है। यह कैंपेन कृति के साथ मिलकर बनाया गया था और इसमें रक्षाबंधन को ऐसे तरीके से मनाने का साझा विश्वास झलकता है, जिससे परिवार एक साथ आएं। हम कैंपेन के मकसद और भावना को लेकर कृति के साथ पूरी तरह सहमत है।
विज्ञापन हटाने की क्या है वजह?
इसमें आगे कहा गया, 'वीडियो को हटाने का फैसला तुरंत लिया गया क्योंकि हमारे कुछ स्टोर्स के आसपास हालात बिगड़ गए थे। ऐसी घटनाएं हो रही थीं, जिनसे हमारी ऑन-ग्राउंड टीमों के लिए असुरक्षित माहौल बन रहा था। उस समय, हमारी पहली जिम्मेदारी अपने ऑन-ग्राउंड लोगों और स्टोर्स की शारीरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना था। मैं कभी नहीं चाहूंगा कि उन्हें कोई नुकसान पहुंचे।'
कृति सेनन विज्ञापन
- फोटो : यूट्यूब
क्यों शुरू हुआ विवाद?
- आपको बता दें कि यह विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के हालिया रक्षाबंधन विज्ञापन से शुरू हुआ।
- इसमें कृति सेनन ने त्योहार की रस्में निभाते हुए लहंगा, डीप-नेक ब्लाउज और केप पहना था।
- हालांकि कई लोगों को उनका लुक पसंद आया।
- मगर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके पहनावे पर सवाल उठाए और इसे त्योहार के लिए अनुचित बताया।
- इसके जवाब में, ज्वेलरी ब्रांड ने विज्ञापन हटा दिया और कहा कि उसका मकसद धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
- कृति ने भी इस आलोचना पर प्रतिक्रिया दी और सवाल किया कि अक्सर किसी महिला के कपड़ों को संस्कृति और परंपराओं के प्रति उसके सम्मान से क्यों जोड़ा जाता है।